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4 साल यूपी में छिपे रहे ऑनर किलिंग के 3 अारोपी, गांव लौटने के अगले ही दिन पकड़े

आरोपियों ने गुरप्रीत कौर और उसके प्रेमी लवप्रीत सिंह की बेरहमी से हत्या की थी।

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 08:02 AM IST

अमृतसर. आॅनर किलिंग मामले में पिछले चार सालों से फरार चल रहे तीन आरोपियों को रविवार रात को पीओ स्टाफ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन तीनों आरोपियों का नाम बिक्रम सिंह, बल सिंह और हीरा सिंह है। पुलिस ने आॅनर किलिंग के मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जिनमें से पांच आरोपी मां शीतू, विक्की, साबी, चाचा लखबीर सिंह और अन्य रिश्तेदार जसविंदर सिंह पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके है। जबकि यह तीनों वारदात के बाद से ही फरार थे।

इन आरोपियों ने गुरप्रीत कौर और उसके प्रेमी लवप्रीत सिंह की बेरहमी से हत्या की थी। आरोपियों ने पहले दोनों को जहर दिया गया था। इसके बाद तेजधार हथियारों के वार कर बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। आरोपी दोनों को तड़पता हुआ छोड़ कर भाग गए। इन दोनों की लाशें पुलिस ने कस्बा कुक्कड़ावाला नहर के साथ-साथ जाती सुनसान सड़क से बरामद की थी। पीओ स्टाफ के इंचार्ज हरीश कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपियों के बारे में गत रात को ही सूचना मिली थी कि वह अपने गांव में घूम रहे है। इस तहत वह पुलिस पार्टी को साथ लेकर गए और तीनों को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले आरोपी चार साल से यूपी के गोंडा जिला में छिप कर रहे थे और वहां पर मेहनत-मजदूरी कर अपने काम चला रहा था।

घर से भाग कर लवप्रीत-गुरप्रीत ने की थी शादी

गांव सहरसा के रहने वाले युवक लवप्रीत सिंह और नाबालिग लड़की गुरप्रीत कौर (15) का 2013 में आपस मे प्रेम संबंध बन गए। दोनों एक दूसरे के साथ शादी करना चाहते थे, मगर लड़की नाबालिग थी और उसके परिवार वालों को यह बात मंजूर नहीं थी। आरोपियों का कई बार युवक लवप्रीत के साथ झगड़ा भी हुआ था। बावजूद इसके दोनों लड़का-लड़की एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ना चाहते थे। जब परिवार की तरफ से लगातार विरोध किया गया तो 25 अगस्त 2014 को दोनों घर से भाग गए। अमृतसर शहर में पड़ते इलाका गुज्जरपुरा में लवप्रीत की बहन ज्योति रहती थी। दोनों ने उसी के घर पर शरण ले ली। मगर इस बारे में लड़की के परिवार वालों को भनक लगी तो वह सभी इकट्ठे होकर 28 अगस्त 2014 को ज्योति के घर पहुंच गए। वहां पर जमकर हंगामा हुआ।

मौके पर थाना सी डिवीजन पुलिस को बुलाया गया। काफी बहस के बाद पुलिस के समक्ष लड़की के परिवार वाले दोनों की शादी करवाने के लिए मान गए। इस कारण वह लड़की को अपने साथ लेकर चले गए। मगर आरोपियों के मन में रंजिश थी और वह इस पूरे एपिसोड को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। इस कारण 28 अगस्त की रात को ही लड़की गुरप्रीत कौर का चाचा लखबीर सिंह और भाई हीरा सिंह रात को सोते समय लड़के को घर से उठा कर ले गए। पूरा परिवार लड़का और लड़की को देर रात करीब एक बजे कुक्कड़ावाला नहर के साथ जाती सुनसान सड़क पर मेन रोड़ से करीब आठ किलोमीटर अंदर ले गए। वहां पर जाकर लड़के को बुरी तरह से पीटा गया। इसके बाद दोनों को जहर दिया गया। इससे दोनों तड़पने लगे तो आरोपियों ने तलवारों के साथ वार शुरू कर दिए।

टुकड़े-टुकड़े कर नहर में फेंकना चाहते थे

आरोपी दोनों के छोटे-छोटे टुकड़े कर नहर में फेंक देना चाहते थे, मगर तड़पते हुए जब लड़का व लड़की चिल्ला रहे तो आरोपी वहां से फरार हो गए। अगली सुबह जब आस-पास के लोगों ने देखा तो तुरंत पुलिस को सूचित किया। मगर उस समय तक दोनों की मौत हो चुकी था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तुरंत मृतका के भाई और चाचा को गिरफ्तार किया तो इन लोगों ने अपना जुर्म कबूल लिया। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों लड़की की मां शीतू, विक्की व साबी को भी गिरफ्तार किया था, जबकि बाकी के तीन आरोपी हीरा सिंह, बल सिंह व बिक्रम सिंह तभी से फरार थे।