अमृतसर

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दाेनों गैंगस्टर्स ने अवैध हथियार से चलाई थी एक-दूसरे पर गोली, ऐसे हुई थी मौत

इस पूरे घटनाक्रम के पीछे मुख्य कारण यह निकल कर आ रहा है कि करीब तीन साल पहले तक कोदी और मंगा गहरे दोस्त थे।

Danik Bhaskar

Dec 13, 2017, 04:24 AM IST

अमृतसर. मारे गए दोनों गैंगस्टर हरविंदर सिंह कोदी और मनप्रीत सिंह उर्फ मंगा पुलिस रिकार्ड में वांटेड थे। इन दोनों के ही खिलाफ कई तरह के केस दर्ज हैं। कोदी भिखीविंड के कुख्यात गैंगस्टर गगनदीप सिंह उर्फ शौरी के गैंग का मेंबर था। शौरी के खिलाफ साल 2005 से लेकर अब तक दर्जन के करीब केस दर्ज हैं। वहीं मनप्रीत मंगा ने अलग से गैंग बना रखा था। मंगा गैंग का पहले भी शौरी गैंग के साथ झगड़ा हो चुका था। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे मुख्य कारण यह निकल कर आ रहा है कि करीब तीन साल पहले तक कोदी और मंगा गहरे दोस्त थे। एक-दूसरे के घर पर भी इनका आना-जाना था। पुलिस जांच के मुताबिक मंगा अपने जिगरी दोस्त कोदी की बहन पर बुरी नजर रखता था। यह बात कोदी को पता चली तो दोनों के बीच दुश्मनी पड़ गई।

कोदी की बहन की शादी भी हो गई, मगर मंगा उसका पीछा नहीं छोड़ रहा था। कोेदी की बहन ने उसे यह बात बताई तो वह किसी भी हाल में मंगा को खत्म करना चाहता था। इस कारण दोनों के बीच दुश्मनी काफी बढ़ गई। सोमवार को जब कोदी को यह पता चला था कि मंगा शादी में शामिल होने के लिए आया है तो वह अपने साथियों के साथ वहां पर पहुंच गया था और गोलियां चला दी। इस गोली कांड में दोनों ही मारे गए थे, मगर रोचक बात है कि कोदी खुद अपनी ही चलाई हुई गोली से मरा है। क्योंकि उसने क्राॅस बनाने के लिए खुद की टांग में गोली मारी थी। जो गलत जगह जा लगी और खून का सर्कल रुकने के कारण उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने दोनों की लाशों का पोस्टमार्टम करवा परिवार को सौंप दी है।


इस मामले में पुलिस ने हत्या के आरोप में क्रास केस दर्ज किए हैं। पहला केस मारे गए गैंगस्टर मनप्रीत सिंह की मां रणजीत कौर के बयानों पर दर्ज हुआ है। यह केस मृतक हरविंदर सिंह, उसके साथी रुपिंदर सिंह, गगनदीप सिंह, अमरजीत उर्फ रवि और इनके 5-6 अज्ञात साथियों के खिलाफ दर्ज हुआ है।


वहीं क्रास केस वारदात में मारे गए गैंगस्टर हरविंदर कोदी की मां अमरजीत कौर की शिकायत पर दर्ज किया गया है। यह केस मारे गए गैंगस्टर मनप्रीत सिंह मंगा, मोनू चीमा, सुखदेव सिंह, इंद्रजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह और पम्मा मैंबर के खिलाफ दर्ज हुआ है। एसएसपी देहाती परमपाल सिंह ने कहा कि मारे गए दोनों ही गैंगस्टर था। एक-दूसरे को खत्म करने की कोशिश में ही दोनों मारे गए। हरविंदर कोदी गैंगस्टर शौरी का साथी था। उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। इन सभी को गिरफ्तार करने के लिए रेड की जा रही है।

गैंगस्टर हरविंदर कोदी 315 बोर और मनप्रीत मंगा 12 बोर की गोली से मरा

पोस्टमार्टम के दौरान पता चला है कि हरविंदर कोदी 315 बोर की गोली से मरा है। गोली उसकी टांग पर किसी ऐसी जगह लगी, जिससे खून का सर्कल रुक गया और उसकी मौत हो गई। जबकि मंगा को 12 बोर की गोली लगी है। इसमें खास बात यह है कि मंगा के पास 12 बोर की राइफल थी, जबकि कोदी के पास 315 बोर थी। इससे तो यही साबित होता है कि मौके पर मंगा अकेला था, जबकि कोदी के साथ उसके और भी साथी थे। कोदी और उसके साथियों ने पहले मंगा की 12 बोर छीनी और गोलियां मार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद क्राॅस केस बनाने के लिए कि कोदी अपने-अाप को गोली मारकर सेल्फ डिफेंस का केस बनाने की कोशिश में था। इस कारण उसने अपनी ही 315 बोर के साथ अपनी टांगों में गोली मारकर खुद को जख्मी कर लिया, मगर गोली कोदी के किसी गलत जगह पर लग गई और खून का सर्किल रुक जाने कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी।

शौरी और उसके गैंग के खिलाफ दर्ज हैं कई केस

गैंगस्टर गगनदीप सिंह उर्फ शौरी भिखीविंड का रहने वाला है। शौरी वहां का कुख्यात गैंगस्टर है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में दर्जन के करीब केस दर्ज है। जानकारी के मुताबिक शौरी के खिलाफ 2005 से लेकर अभी तक, हत्या, हत्या प्रयास, लूटपाट, डकैती, पैसों के लिए मारपीट, स्नैचिंग, नशे का धंधा करना किडनैपिंग, हथियारों की तस्करी, नाजायज असला रखने आदि के केस दर्ज हैं। यह सारे केस थाना भिखीविंड, झब्बाल, सिविल लाइन अमृतसर में दर्ज हैं। इसी तरह गैंगस्टर रवि के खिलाफ नशे का धंधा करने, हथियारों के धंधा करने, मारपीट, लूटपाट, हत्या प्रयास, आदि के केस विभिन्न थानों में दर्ज हैं, जबकि गैंगवार में मारे गए हरविंदर सिंह कोदी के खिलाफ नशा का धंधा करने, नाजायज हथियार, मारपीट और हत्या का केस दर्ज है।

मंगा की डिटेल खंगाल रही पुलिस

गैंगवार के दौरान मारे गए गैंगस्टर मनप्रीत सिंह मंगा के खिलाफ भी विभिन्न थानों में केस दर्ज हैं। अभी पुलिस इसकी पूरी डिटेल खंगाल रही है। मंगा के संबंध भी अकाली दल के कुछ नेताओं के साथ होने की बात सामने आ रही है, क्योंकि पुलिस ने मंगा के साथ मोनू चीमा को नामजद किया है। मोनू चीमा अकाली पार्टी से संबंधी रखता है और साथ ही कई तरह के गैर कानूनी काम भी करता है। इसके खिलाफ भी पहले से ही कई केस दर्ज है।

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