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सुसाइड करने से पहले मां को लिखी थी आखिरी चिट्‌ठी, कहा - बड़े बेटे के यहां लूंगा जन्म

सभी नोट इंद्रप्रीत सिंह ने अंग्रेजी भाषा में लिखे हैं, मगर मां के नाम उन्होंने चिट्ठी पंजाबी भाषा में लिखी है।

Danik Bhaskar | Jan 07, 2018, 05:53 AM IST

अमृतसर. खुद को गोली मार कर सुसाइड करने वाले इंद्रप्रीत सिंह चड्ढा उर्फ टिंकू केवल बेहद रहम दिल इंसान थे, बल्कि परिवार और जरूरतमंद लोगों को प्यार भी करते थे। सुसाइड करने से पहले इंद्रप्रीत सिंह ने अपनी मां के नाम भी एक चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने अपनी मां के लिए दिल में जो सम्मान और प्रेम था, उसे जाहिर किया था। इस चिट्ठी के जरिए ही पता चला कि इंद्रप्रीत सिंह के घर का नाम टिंकू था और मां भी प्यार से इसी नाम से पुकारती थीं। सभी नोट इंद्रप्रीत सिंह ने अंग्रेजी भाषा में लिखे हैं, मगर मां के नाम उन्होंने चिट्ठी पंजाबी भाषा में लिखी है।

इसमें उन्होंने लिखा है कि वह आपकी गोद से जन्म लेकर निहाल हो गया। आप ने बहुत ज्यादा प्यार किया। उसकी बहुत गलतियां माफ भी की। वह आपको दुनिया में सब से ज्यादा प्यार करता है। इस चिट्ठी में उन्होंने अपने बड़े बेटे अनमोल का जिक्र करते हुए लिखा कि वह उसके घर पर जन्म लेकर वापस जाएंगे। आपसे कभी दूर नहीं रहेंगे। पिता जी का ध्यान रखना। आप मेरे बच्चों को बहुत प्यार करते हो। उनका भी ध्यान रखना। आपका बेटा टिंकू।

इस पूरे नोट में इंद्रप्रीत सिंह ने अपनी मां के प्रति प्यार को व्यक्त किया है। इंद्रप्रीत की मौत के साथ उनके बहुत सारे दोस्त भी सदमे हैं कि एक ऐसा इंसान दुनिया से चला गया, जो अपने लिए नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के लिए जीता था।

इंद्रप्रीत सिंह ने जो सुसाइड नोट लिखे हैं। उसमें बहुत सारे ऐसे लोगों का भी नाम शामिल है, जिनका नाम अभी तक उजागर नहीं हुआ है। मामले की पूरी जांच अब डीजीपी की ओर से आईजी क्राइम एलके यादव को सौंप दी गई है। आईजी यादव की अगवाई में टीम ने जांच भी शुरू कर दी है। इसमें आने वाले समय में बहुत ऐसे नाम सामने आएंगे, जो लोगों के समक्ष खुद को सेवादार के तौर पर पेश करते हैं, मगर कई गलत धंधों के साथ जुड़े हुए हैं। आईजी यादव ने कहा कि फाइल उनके पास गई है और जांच शुरू कर दी है। सभी पहलुओं पर नजर डालने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

हरजीत चड्ढा को तुरंत कर देना चाहिए सरंडर: एडवोकेट गौतम
इंद्रप्रीतसिंह चड्ढा के दोस्त एडवोकेट ए. गौतम ने कहा कि इस पूरी साजिश को रचने के पीछे केवल और केवल हरजीत सिंह चड्ढा है। हरजीत ने हर तरह की योजना बनाकर लोगों को सेट किया और अपने पिता भाई के खिलाफ खड़ा कर दिया। इंद्रप्रीत सिंह ने भले ही छोटे भाई हरजीत को माफ कर दिया हो, मगर कानून से वह बच नहीं पाएगा। इसलिए जरूरी है कि हरजीत सिंह तुरंत खुद को पुलिस के समक्ष सरंडर कर दे और अपना जुर्म कबूल कर लें।