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हॉस्पिटल जाने में हुई थी खुदको देरी, बीमार दोस्त खोया तो मरीजों के लिए शुरू की फ्री बसें

नई बस में सीटें काफी सुविधाजनक हैं, पानी और फर्स्ट एड की व्यवस्था है।

Danik Bhaskar | Dec 18, 2017, 06:02 AM IST
डेमोफोटो डेमोफोटो

नूरपुरबेदी. ‘मैं खुद हार्ट पेशेंट हूं। नवंबर 2016 में इलाज के लिए पीजीआई गया था। आने-जाने में काफी परेशानी हुई। बीमार दोस्त दीदार सिंह भी साथ था। दीदार को चेक कर डॉक्टर बोले देर हो चुकी है। जल्दी आते तो जान बचा लेते। आपके इलाके के लोग आते ही देर से हैं। कुछ दिन बाद दीदार सिंह चल बसा। करीब 80 किमी के सफर से बचने के लिए आम तौर पर लोग पीजीआई जाते ही नहीं। बस उसी दिन से ठान लिया कि जैसी परेशानी मैंने और दीदार ने झेली, वैसी और किसी को नहीं होगी।’ यह कहना है नूरपुरबेदी ब्लाॅक में दो जगहों से रोज करीब 120 मरीजों को पीजीआई ले जाने के लिए फ्री बस सेवा मुहैया करवाने वाली गुरु रामदास सेवा सोसायटी के प्रधान मक्खन सिंह का।

मक्खन सिंह ने बताया कि उन्होंने संस्था के माध्यम से ऐसी टीम बनाई जिसमें तजुर्बेकार लोगों के साथ मेहनती युवा भी हैं। सभी ने मिलकर फरवरी 2017 में 5 हजार रुपए रोजाना पर बस किराए पर ली। अब चैलेंज था कि किसी से पैसे लेने का। इसके लिए गांव-गांव घूमकर चंदा मांगा। कई दिन बस घाटे में चलानी पड़ी, लेकिन कुछ महीने में लोग खुद मदद को आगे आए। अब संस्था रोज सुबह 4:30 बजे पीर बाबा जिंदा शहीद स्थान और हैबोवाल (बीत) गांव से दो बसों में करीब 120 मरीजों को पीजीआई लेकर जाती है। अब संस्था ने चंदे से 21 लाख की रकम जुटाकर नई बस खरीदी है। 21 दिसंबर को एसएसपी राजबचन सिंह संधू इसे पीजीआई के लिए रवाना करेंगे। संस्था की सेवा को देखते हुए एनआरआईज ने भी मदद भेजना शुरू कर दिया है। किसी गांव मे कोई समारोह या भोग होता है तो परिवारवाले दसबंद से सोसायटी के लिए भी फंड भेजते हैं। सभा के सदस्य हरभजन सिंह, राकेश सोहल, लखविंदर सिंह, दलजीत सिंह और गुरपाल सिंह भी इस मुहिम में सहयोग दे रहे हैं।

कई सुविधाओं से लैस है नई बस

नई बस में सीटें काफी सुविधाजनक हैं, पानी और फर्स्ट एड की व्यवस्था है। मरीजों को लिटाने के लिए पिछली तरफ खास तौर पर लंबी सीट डिजाइन की गई है। बस को एयर टाइट बनाने के साथ ही पर्दे भी लगाए गए हैं। पीजीआई में छुट्टी वाले दिन ये बसें भी नहीं चलतीं।