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जाते-जाते पर्यावरण बचाने का संदेश दे गए मनजीत सिंह, जताई थी ऐसी इच्छा

एलपीजी प्लांट से हुआ अंतिम संस्कार - सरकारी सम्मान से दी गई अंतिम विदाई।

Danik Bhaskar | Jan 19, 2018, 05:08 AM IST

अमृतसर. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व मुख्य सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मनजीत सिंह कलकत्ता ने जहां समाज के लिए बेहतर कार्य किए, वहीं जाते-जाते भी लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश देकर गए। उनका अंतिम संस्कार वीरवार को चाटीविंड स्थित श्मशानघाट में एलपीजी प्लांट में सरकारी सम्मान के साथ किया गया। उनकी इच्छा भी थी कि गैस प्लांट के साथ उनका संस्कार किया जाए। यह इच्छा उन्होंने अपने परिवार वालों से जाहिर की थी। उनके बेटे गुरप्रीत सिंह का कहना था कि उनका परिवार पर्यावरण प्रेमी है और पर्यावरण को बचाने के लिए जहां उनके पिता ने यह इच्छा जाहिर की थी कि वही परिवार की भी यही इच्छा थी, क्योंकि इस तरफ लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है और यह तभी संभव हो सकेगा, जब खास लोग इस तरफ बढ़ेंगे। उनके पिता जी खास शख्सियत रहे हैं, इसलिए यह फैसला लिया गया है।

अंतिम संस्कार में राज्य सरकार की तरफ से लोकल बॉडी मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस दौरान सिद्धू ने कहा कि कलकत्ता एक कर्मयोगी थे। विद्वानी बाणी के इतने बड़े विद्वान बहुत कम उन्होंने देखे हैं। वह निर्भय इंसान थे, जो कभी नफा-नुकसान नहीं देखते थे और हमेशा सच के मार्ग पर ही चलते थे। उन्होंने कहा कि जो बाणी के साथ जुड़े हैं, जो गुरु साहिब की विचारधारा से जुड़े हैं, वह कभी कलकत्ता जी को नहीं भूलेंगे । उनके मनों में वह हमेशा जिंदा रहेंगे। इस दौरान सांसद गुरजीत सिंह औजला, विधायक ओम प्रकाश सोनी, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भाई गोबिंद सिंह लोंगोवाल की तरफ से मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह, सेक्रेटरी मनजीत सिंह, निजी सहायक जगजीत सिंह जग्गी, शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के प्रधान परमजीत सिंह सरना, शिरोमणि कमेटी मेंबर भाई राम सिंह, भाई रजिंदर सिंह मेहता, बावा सिंह गुमानपुरा, सुखदेव सिंह भौर, बीबी किरनजोत कौर, बीबी कुलदीप कौर टोहड़ा, भाई अजायब सिंह अभियासी, चेयरमैन रवेल सिंह, डॉ. इंद्रजीत कौर, भाई महिंदर सिंह, पूर्व मेंबर कश्मीर सिंह बरियार, जसविंदर सिंह एडवोकेट, औंकार सिंह छाब़ड़ा, सतबीर सिंह, चीफ खालसा दीवान के प्रधान धनराज सिंह, डॉ. हरदास सिंह, प्रिं जगदीश सिंह, उपकर सिंह संधू, गुरप्रताप सिंह टिक्का, अजयबीर पाल सिंह रंधावा, कुशलपाल सिंह, सुखचैन सिंह, बाबा अमरीक सिंह कारसेवा आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।