--Advertisement--

बचपन में लोग मारते थे ताने, अब बनी गोल्ड जीतने वाली देश की पहली महिला

किर्गिस्तान में जापान की खिलाड़ी को हराया, गोल्ड जीतने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी।

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 12:25 AM IST
गोल्ड मैडल जीतने वाली नवजोत कौर और उसकी मां मेडल दिखाते हुए। गोल्ड मैडल जीतने वाली नवजोत कौर और उसकी मां मेडल दिखाते हुए।

तरनतारन. नशे के लिए बदनाम बार्डर बेल्ट जिले तरनतारन के गांव बागड़िया की नवजोत कौर ने किर्गिस्तान में चल रही एशियन रेस्लिंग चैंपियनशिप के अंडर-65 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीत इतिहास रचा है। पहली बार है जब किसी भारतीय ने यह मुकाम हासिल किया है। लेकिन नवजोत के लिए यह राह आसान नहीं थी। बेटी को कुश्ती करते देख पिता रेसलर सुखचैन सिंह को कई बार गांव के लोग ही ताने मारते थे। परिवार के लिए रेस्लिंग छोड़ चुके सुखचैन ने नवजोत को छठी कक्षा में ही रेसलिंग की कोचिंग लेने भेज दिया था। ऐसे हुए लोगों के मुंह बंद...

- 9 साल की थी नवजोत जब वह बड़ी बहन नवजीत के साथ सुबह चार बजे वाॅक करती।

- इसके बाद साइकिल पर कोचिंग के लिए जाती। साइकलिंग करते देख लोग हंसते और सुखचैन को समझाते कि यह खेल लड़कियों के लिए नहीं है लेकिन सुखचैन ने सभी को अनसुना किया।

- जब नवजोत ने जिले और फिर राज्य के लिए मेडल जीतने शुरू किए तो लोगों के मुंह बंद हो गए।

- सुखचैन ने बताया कि नवजोत के पहले कोच पुलिस हैड कांस्टेबल पहलवान अशोक कुमार थे।

- पहली बार पंजाब स्कूल गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद नवजोत को भी जीत की ललक लग गई।

- नेशनल स्कूल गेम्स और फिर इंटरनेशनल स्तर पर अनगिनत गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। इंटर यूनिवर्सिटी में भी नवजोत ने गोल्ड मेडल हासिल किए।

चोट के कारण बहन ने छोड़ी थी रेसलिंग

- बड़ी बहन नवजीत कौर ने नवजोत के साथ ही 1998 में उसने रेस्लिंग शुरू की थी। 2003 में उसके दोनों घुटनों पर चोट के बाद टाइफाइड हो गया। जिसके बाद डॉक्टरों ने रेस्लिंग छोड़ने को कह दिया।

पंजाब के हालात पर निराश थी नवजोत

- पिता सुखचैन ने बताया कि जब पंजाब को नशे से जोड़ा जाने लगा तो वह काफी दुखी थी। खेल के दौरान वह अपने ही गांव के युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह देती।

- नवजोत की यह जीत देश के लिए संदेश है कि पंजाब की पहचान नशा नहीं।

कैप्टन ने ट्वीट कर दी बधाई

- कैप्टन अमरिंदर सिंह, सीएम, पंजाब ने लिखा नवजोत कौर को बधाई। यह भारत-पंजाब के लिए गर्व की बात है। भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

नवजोत कौर फाइट के दौरान। नवजोत कौर फाइट के दौरान।
नवजोत कौर के जीतने के बाद उसकी फैमिली। नवजोत कौर के जीतने के बाद उसकी फैमिली।
कोच अशोक कुमार की फाईल फोटो। कोच अशोक कुमार की फाईल फोटो।