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पाकिस्तान से हरिद्वार में अस्थि विसर्जन करने आए थे पाक हिंदू, इस कारण नहीं जा पाए

5 दिन के वीजे पर पाकिस्तानी हिंदुओं का जत्था सोमवार को देर शाम अमृतसर पहुंचा, वीजा अवधि कम होने के कारण नाराज।

शिवराज द्रुपद/सतीश कपूर| Last Modified - Feb 13, 2018, 06:56 AM IST

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Pak Hindus who came to immerse bone in Haridwar
पाकिस्तान के कराची से श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में पहुंचे हिंंदू जत्थे के सदस्य अपना सामान लेकर बीबी धनवंत कौर सराय में जाते हुए।

अमृतसर. देर शाम अमृतसर पहुंचे पाकिस्तानी हिंदुओं के जत्थे की अमृतसर की यात्रा काफी कड़ुवाहट भरी रही है। पहले तो उनको भारतीय अंबैसी ने सिर्फ पांच दिन का वीजा दिया ऊपर से अटारी बार्डर पर घंटों चेकिंग और यहां आने पर श्री दुर्ग्याणा तीर्थ कमेटी के प्रबंधन की खामियों ने उनको काफी समय तक परेशान किया गया। कई तो ऐसे रहे जिन्होंने दोबारा न आने के लिए कानों को हाथ तक लगा दिए। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो अपने परिजनों की अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित करने के लिए आए हैं लेकिन वीजा अवधि कम होने के कारण यह संभव नहीं लग रहा है। 5 दिन का मिला वीजा...

 

श्री गुरु सेवा वेल्फेयर सोसायटी ट्रस्ट के प्रधान मुकेश राणा के नेतृत्व में कराची, सिंध, लाहौर आदि इलाकों से 140 के करीब पाकिस्तानी हिंदू यहां पहुंचे हैं। इसमें से 70 के करीब महिलाएं हैं। इस जत्थे में कुछ को पांच दिन का तो कुछ को 15 दिन का वीजा मिला है। राणा ने बताया कि वीजा 199 लोगों का लगा था लेकिन वीजा अवधि कम होने के कारण और लोग नहीं आ सके। वाघा से अटारी बार्डर को उन लोगों ने दो बजे तक क्रास कर लिया था लेकिन इमीग्रेशन तथा अन्य औपचारिकताएं पूरा करने में उन लोगों को पांच घंटे लग गए। इस दौरान बच्चे, बुजुर्ग तथा महिलाओं को काफी दिक्कत आई।


दुर्ग्याणा कमेटी के कर्मियों ने भी किया परेशान 
 

जत्थे के नुमाइंदों ने पहले कमेटी के पदाधिकारियों से इस बाबत संपर्क किया था और उनके रहने के लिए बीबी धनवंत कौर धर्मशाला में व्यवस्था करने की बात कही गई थी। शाम को जब वह लोग यहां पहुंचे तो करीब दो घंटे तक कमरे खुलवाने के लिए मांग करते रहे। थके हारे इन लोगों को काफी समय तक जमीन पर ही बैठना पड़ा। प्रधान एडवोकेट रमेश शर्मा तक बात पहुंची तो उन्होंने दखल देकर कमरे खुलवाए। कमेटी की तरफ से उनके लिए रात के लंगर की भी व्यवस्था नहीं की गई थी। प्रधान ने इस तरफ भी पहल की।

 

जत्थे में आठ के करीब ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो अपने परिवार के लोगों की अस्थियां लेकर आए हैं और इनकी वीजा सिर्फ पांच दिन का है। इन लोगों का कहना है कि एक दिन आने में चला गया और एक दिन जाने में लग जाएंगे। ऊपर से यहां की पुलिस ने मंगलवार को वेरीफिकेशन के लिए बुलाया है। ले देकर उन लोगों के पास दो दिन बचे हैं।

 

 

Pak Hindus who came to immerse bone in Haridwar
देर होने के कारण लोग हरिद्वार नहीं जा पाए।
Pak Hindus who came to immerse bone in Haridwar
किसी को 15 दिन तो किसी को 5 दिन का वीजा दिया गया था।
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