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एनकाउंटर के बाद फैमिली बोली- पुलिस ने धक्केशाही कर उठाया अमृतपाल को

अमृतपाल सिंह बाठ के परिजनों का आरोप है कि यह सब कुछ राजनीतिक इशारों पर किया जा रहा है।

Dainik Bhaskar

Jan 30, 2018, 05:43 AM IST
अमृतपाल सिंह बाठ और उसके पिता पिता सतनाम सिंह अमृतपाल सिंह बाठ और उसके पिता पिता सतनाम सिंह

तरनतारन. झब्बाल पुलिस की ओर से गैंगस्टर विक्की गौंडर और उसके साथियों को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए लवप्रीत सिंह उर्फ लव व उसके साथी अमृतपाल सिंह बाठ को पुलिस ने सोमवार को अदालत में पेश किया गया, लेकिन अदालत ने पुलिस रिमांड देने की जगह उन्हें 9 दिन तक जुडीशियल हिरासत में भेज दिया है। दूसरी तरफ अमृतपाल सिंह बाठ के परिजनों का आरोप है कि यह सब कुछ राजनीतिक इशारों पर किया जा रहा है।


यह है पूरा मामला
रविवार को पुलिस को भनक लगी थी कि नाभा जेल ब्रेक कांड आरोपी गुरप्रीत सिंह गोपी उर्फ कौड़ा निवासी गांव नागोके के भाई लवप्रीत सिंह और उसका दोस्त बाठ निवासी मियांपुर ने गोपी व विक्की गौंडर को पनाह देते थे। इसी मामले में पुलिस की विशेष टीम ने रविवार को ही अमृतपाल और लव को उनके घर से गिरफ्तार किया व थाना झब्बाल ले आए। जैसे सूचना मीडिया को मिली तो झब्बाल पुलिस ने थाने का गेट बंद कर दिया। देर रात तक पूछताछ करने के बाद दोनों के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टरों को पनाह देने का केस दर्ज कर लिया है। इस तहत सोमवार को दोनों को अदालत में पेश कर पुलिस ने रिमांड मांगा, मगर अदालत ने दोनों को जेल भेज दिया।

दूसरी तरफ अमृतपाल बाठ के पिता सतनाम सिंह ने कहा कि वह लोगों के हर सुख दुख में काम आता है, जिसकी गवाही पूरा गांव भर रहा है। इसके अलावा गांव वालों ने अमृतपाल सिंह को गांव के गुरुद्वारा साहिब कमेटी का प्रधान भी नियुक्त कर रखा है, गत दिन अमृतपाल घर में सो रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे, बेटे अमृतपाल व बेटी राजबीर कौर की मारपीट करते हुए गाड़ी में बैठा लिया और थाना झब्बाल तक ले आए। पूरी रात थाने में रख कर सुबह 4 बजे उसे और उसकी बेटी को तो छोड़ दिया लेकिन अमृतपाल सिंह को छोड़ने के लिए जब पुलिस से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके बेटे के गैंगस्टर गौंडर के साथ संबंध है। इसी लिए उसे थाने में रखा हुआ है। आरोप है कि उन्हें अमृतपाल सिंह से मिलने तक नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस जानबूझ कर झूठा केस बनाकर अमृतपाल को फंसाना चाहती है,जबकि कानून के अनुसार किसी को घर से उठाने से पहले गांव की पंचायत व प्रमुख लोगों को बताना होता है। सतनाम सिंह ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से अपने साथ हुई धक्केशाही का इंसाफ मांगा है।

करीब 2.30 बजे जब पुलिस अमृतपाल व लवप्रीत सिंह को अदालत लेकर पहुंची तो मीडिया से बात करते हुए अमृतपाल ने कहा कि यह सब कांग्रेस पार्टी के इशारों पर हो रहा है। मुझे जानबूझ कर फंसाया गया है। उनका किसी के साथ कोई तालुक नहीं है। वह आने वाले पंचायती चुनावों में अकाली दल की तरफ सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता था, लेकिन कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर उस पर झूठा मामला दर्ज करते हुए उसे दागी करना चाहती है।

थाना झब्बाल प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि दोनों के खिलाफ विभिन्न थानों में केस दर्ज है। उक्त लोगों ने गुरप्रीत गोपी उर्फ कौड़ा को पनाह दी थी। पुलिस ने किसी के साथ धक्केशाही नहीं की है। टीम द्वारा जांच पड़ताल कर ही दोनों युवकों को पकड़ा गया है। रही बात सतनाम सिंह व उसकी बेटी राजबीर कौर से मारपीट कर उन्हें थाने लाने की तो यह सरासर झूठ है।

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