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अनोखा स्टेशन : ट्रेन रोककर ड्राइवर पहले फाटक बंद करते हैं, फिर बढ़ते हैं आगे

ड्राइवर और गार्ड नीचे उतरते हैं। दाेनों एक-एक तरफ के फाटक बंद करते हैं।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 06:32 AM IST

कोटकपूरा/जैतो. यहां के गांव रोमाना अलबेल सिंह के रेलवे स्टेशन से पहले रेलवे फाटक नंबर 21 पर पहले ट्रेन रुकती है। ड्राइवर और गार्ड नीचे उतरते हैं। दाेनों एक-एक तरफ के फाटक बंद करते हैं। इसके बाद ट्रेन में बैठते हैं और ट्रेन लेकर आगे बढ़ जाते हैं। ऐसा कर्मचारी तैनात न होने के कारण फाटक के आर-पार आने जाने वालों के लिए जान का खतरा हमेशा बना रहता है।

गांव मता तथा रोमाना अलबेल सिंह निवासियों ने केन्द्र सरकार व रेलवे विभाग पर लोगों के जान-माल से खिलवाड़ करने के आरोप लगाया है। गांव मता और रोमाना अलबेल सिंह के लोगों ने रेलवे विभाग से उक्त रेलवे फाटक पर तुरंत कर्मचारी तैनात करने की मांग की है। लोगों ने कहा कि ऐसा रेलवे के ही दो विभागों के अिधकारियों के बीच खींचतान के चलते हो रहा है। जिस दिन कोई बड़ा हादसा होगा तब अधिकारियों की आंख खुलेगी।

दो विभागों की खींचातान बन सकती है बड़ी दुर्घटना कारण

रेल विभाग में स्टाफ की किल्लत के चलते रेलवे के दो विभागों के बीच खींचातान ने रेल यात्रियों की सांस सुखा रखी है। रविवार सुबह से कोटकपूरा-फरीदकोट रेल लाइन पर पड़ते फाटक नंबर 25 पर भी यही स्थिति बनी थी। सारे प्रकरण की पुष्टि करते हुए कोटकपूरा रेलवे स्टेशन के रेलवे स्टेशन अधीक्षक हरी नारायण मीना ने बताया कि ऊपर से आई हिदायत के अनुसार मंगलवार शाम पांच बजे तक के लिए क्षेत्र के इन दोनों फाटकों से कर्मचारी हटा लिए गए थे।

स्टेशन मास्टर का कहना... पहले कहीं भी लगा देते थे कर्मचारी...

जैतो रेलवे स्टेशन मास्टर श्रीनिवास मीना ने कहा कि फाटक पर कर्मचारी होते हैं। पहले कर्मचारी की कहीं भी ड्यूटी पर लगा दी जाती थी, अब रेलवे ने अपने अधिकार क्षेत्र पर ही कर्मचारी तैनात करने के आदेश दिए हैं।

कोटकपूरा इंचार्ज का कहना...फाटक नंबर 21 हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं

इंजीनियरिंग विभाग कोटकपूरा के इंचार्ज आलोक कुमार ने बताया कि रोमाना अलबेल सिंह का फाटक नंबर 21 हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।