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खराब किडनी और शुगर के बावजूद नहीं छोड़ा था रियाज, बड़े भाई के समझाने पर माने

सूफी गायकी की बेजोड़ जोड़ी ‘वडाली ब्रदर्स’ छोटे भाई प्यारेलाल वडाली के निधन से टूट गई।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 10, 2018, 04:47 AM IST

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    सूफी गायकी की बेजोड़ जोड़ी ‘वडाली ब्रदर्स’ छोटे भाई प्यारेलाल वडाली के निधन से टूट गई।

    अमृतसर.सूफी गायकी की बेजोड़ जोड़ी ‘वडाली ब्रदर्स’ छोटे भाई प्यारेलाल वडाली के निधन से टूट गई। 1971 की जंग के बाद वडाली ब्रदर्स ने पहली बार मजीठा की एक मजार पर गीत गाया था- ‘मिट्टी दियां मूरतां ने दिल साड्डा मोह लेया, उमरां दा कीता होया पलां विच खो लेया...।’ ये गीत पूरनचंद ने गाया था और प्यारेलाल ने घुंघरू बांधकर डांस किया था। वहां उन्हें इतने पैसे मिले कि झोली में भरकर लाने पड़े। शुक्रवार को बड़े उस्ताद पूरनचंद को अपना ये पहला गीत फिर याद आ गया, जब छोटे भाई प्यारेलाल दुनिया से रुख्सत हुए। किडनी और शुगर के मरीज 69 साल के प्यारेलाल कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई।


    - छोटे भाई के असमय चले जाने से 80 साल के पूरनचंद टूट से गए। उनके लिए ये पल ऐसा है, मानो शरीर का कोई हिस्सा चला गया हो। 43 साल से शरीर का हिस्सा ही तो थे प्यारेलाल।

    - गुमसुम बड़े भाई कभी घर तो कभी आसमान को ताकतेे। प्यारेलाल का पार्थिव शरीर जब वडाली पहुंचा तो पूरा गांव विलाप कर रहा था।

    - इसी बीच बड़े भाई ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। काफी समय बाद जब बाहर निकलकर आए, तो मुंह से सिर्फ इतना ही निकला- ‘संगीत का जो नुकसान हुआ वह तो हुआ ही, मेरे परिवार का नुकसान कभी पूरा नहीं होगा।’ फिर लोगों से कहा, ‘सब रब दी मर्जी है।’

    - दोनों ने 1975 में जालंधर में एक साथ गाना शुरू किया। गजल, भजन, लोकगीत और सूफी गीत गाए। खास तौर पर, तू माने या न माने दिलदारा..., हीर और याद पिया की आए...।

    - इससे पहले पूरनचंद ने 25 साल तक पहलवानी की, जबकि प्यारेलाल रासलीला में कृष्ण बनकर घर की आर्थिक मदद करते थे।

    पिता की पिटाई ने बना दिया फनकार
    - पिता ठाकुरदास बेटों को रियाज करने को कहा करते, लेकिन पूरनचंद को पहलवानी का शौक था। जब एक बार वे रियाज छोड़कर पहलवानी करने चले गए तो पिताजी ने खूब पिटाई की। उसके बाद दोनों रियाज में ऐसे लगे कि मुड़कर नहीं देखा। 18 जनवरी को दोनों भाइयों ने आखिरी स्टेज शो किया था।

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    छोटे भाई के असमय चले जाने से 80 साल के पूरनचंद टूट से गए।
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    एक प्रोग्राम के दौरान वडाली ब्रदर्स।
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Web Title: Pyarelal Wadali Dies In Amritsar
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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