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शहीद बेटे पर पिता को है गर्व, सिर चूमकर बोली मां- अभी तो तेरे कई अरमान थे बाकी

शहीद अमरसीर का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार पिता बोले, बहू को दी जाए नौकरी

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 06:22 AM IST
अपने शहीद बेटे का मस्तक चूमती हुई मां। अपने शहीद बेटे का मस्तक चूमती हुई मां।

फाजिल्का. असम में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए जोड़की अंधेवाली गांव के शहीद अमरसीर सिंह का पार्थिव शरीर प्लेन से पहले दिल्ली, फिर अगली सुबह दस बजे आर्मी ट्रक से गांव में लाया गया। शहीद को देख वहां उपस्थित हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं और अमरशीर सिंह अमर रहे, भारत माता की जय के नारों से आसमान गुंजायमान कर दिया।

बेटा ही हमारे परिवार के लिए एक सहारा था

- शहीद के पिता सुखमंदर सिंह ने कहा, मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है।

- अब सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह उसके परिवार की सहायता करे।

- बेटा ही हमारे परिवार के लिए एक सहारा था। इसकी छोटी बेटी चार वर्ष तो दूसरी 4 महीने की है।

- घर का गुजारा चलाने के लिए उसकी बहू वीरपाल कौर को सरकारी नौकरी मिल जाए तो घर चलाना असान हो जाएगा।

बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगा एवीपीएस स्कूल

- शहीद की चार वर्षीय बेटी गुरनूर आत्म वल्लभ सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ती है।

- इस स्कूल के स्टाफ ने भी शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

- इसके बाद स्कूल प्रिंसिपल संगीता तिन्ना ने कहा कि स्कूल चेयरमैन रमन वाट्स व समस्त प्रबंधक व स्टाफ इस दुख की घड़ी में शहीद परिवार के साथ हैं।

- इस परिवार के लिए स्कूल जो सहयोग हो सकेगा वह करेगा।

- दोनों बेटियों की पढ़ाई का खर्च वहन करेगा।

पति का चेहरा देखती रह गई पत्नी

- 13 सिखलाई रेजिमेंट के सीनियर सैन्य अफसर तिरंगे में लिपटे शहीद का पार्थिव शरीर लेकर आए।

- हजारों लोगों ने उसके अंतिम दर्शन किए।

- पत्नी वीरपाल कौर अपने हाथों में पति का चेहरा लेकर चुपचाप देख रही थी। उसके मन में कई सवाल कौंध रहे थे।

शहीद की पत्नी। शहीद की पत्नी।
शहीद के पार्थिव शरीर को अग्नि भेंट करते हुए। शहीद के पार्थिव शरीर को अग्नि भेंट करते हुए।
शहीद अमरसीर सिंह के पिता सुखमंदर सिंह व माता को ढांढस बंधाते हुए लोग । शहीद अमरसीर सिंह के पिता सुखमंदर सिंह व माता को ढांढस बंधाते हुए लोग ।
शहीद अमरसीर सिंह के पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई देते हुए सेना की टुकड़ी। शहीद अमरसीर सिंह के पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई देते हुए सेना की टुकड़ी।