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4 माह से भटक रही थी तमिलनाडु की महिला, सिपाही ने 14 दिन में फैमिली से मिलाया

तमिल भाषा के जानकार से बातचीत में ली नाम-पता व राज्य की जानकारी

bhaskar news | Last Modified - Jan 14, 2018, 04:45 AM IST

  • 4 माह से भटक रही थी तमिलनाडु की महिला, सिपाही ने 14 दिन में फैमिली से मिलाया

    देवास.तमिलनाडु की एक महिला भटककर देवास तक पहुंच गई। उसे हिंदी और अंग्रेजी नहीं आती थी, इससे वह कुछ भी बता नहीं पा रही थी। किसी की मदद वह देवास के औद्योगिक थाने लाई गईं तो अंग्रेजी की जानकार महिला सिपाही सोनम जोशी ने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए उस महिला को परिवार से मिलाने की ठान ली और 14 दिन में उसे परिवार से मिला दिया।

    पहले देवास में ही निवासरत एक तमिल भाषा के जानकार को बुलवाया और महिला से बातचीत कराकर उसका नाम, पता व राज्य आदि की जानकारी ली। अंतत: चार माह से भटक रही महिला को उसके परिवार से मिलाने में कामयाब रही। शनिवार को बेटा व उसका दोस्त देवास आए और मां को थाने से लेकर तमिलनाडु के लिए रवाना हुए।

    ऐसे ढूंढ़ा महिला के परिवार को

    महिला का नाम उमा मांगश्वरी मार्रयामति 37 वर्ष है और वह कल्याण कुटिल कोंगों मंडवम ईरोड कुमार पल्लम जिला नमक्लम की रहने वाली है। नाम-पता व राज्य की जानकारी मिलने के बाद महिला आरक्षक सोनम ने इंटरनेट पर सर्च किया तो तमिलनाडु की एक सामाजिक संस्था वेनियन का पता लगा। वहां फोन पर अंग्रेजी में चर्चा कर जानकारी ली तो क्षेत्र की पुलिस चौकी का नंबर मिला। वहां से एक अन्य पुलिस थाने व एसपी ऑफिस पर संपर्क कर महिला का ब्योरा दिया। बेटे विनोदकुमार को भी हिंदी व अंग्रेजी नहीं आती थी, इस कारण वह सिपाही की बात समझ नहीं पा रहा था। अंतत: बेटे के दोस्त श्रीधर से चर्चा कराई जो अंग्रेजी जानता था। इस पर सिपाही ने श्रीधर से चर्चा कर महिला के देवास मप्र में होने की जानकारी दी और यहां आकर लेने आने का आग्रह किया। अंतत: श्रीधर के साथ ही विनोद देवास आया और मां को साथ ले गया।

    30 दिसंबर को देवास पुलिस को मिली थी

    4 माह पूर्व भटक गई महिला 30 दिसंबर को शिप्रा के पास अकेली घूमते मिली थी। चूंकि वह हिंदी नहीं जानती थी इसलिए कुछ बता नहीं पा रही थी, न पुलिस तमिल भाषा को समझ पाई। अंतत: महिला को थाने लाया गया। व वनस्टाॅप सेंटर जिला अस्पताल में रुकवाया।

    खुशी है कि परिवार से मिला दिया : आरक्षक

    आरक्षक सोनम जोशी ने बताया मैं भी महिला हूं और वर्तमान दौर को देखते हुए इस महिला को लेकर चिंतित थी। मुझे खुशी है कि महिला को उसके परिवार से मिला दिया।

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