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सेंटर स्टाफ को चकमा दे दूसरों की जगह दे रहे थे एग्जाम, फ्लाइंग टीम ने पकड़ा

जब पूरे सेंटर की जांच की गई तो एक-एक कर छह नए मामले सामने आ गए। इनमें एक लड़की भी थी।

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 07:55 AM IST

तरनतारन. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की सोमवार से शुरू हुई 10वीं की परीक्षाओं के दौरान पहले ही दिन तरनतारन में छह लड़कों और एक लड़की को फ्लाइंग टीम ने पकड़ लिया। तरनतारन के संत सिंह सुक्खा सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने सेंटर में ये सातों अपने रिश्तेदारों की जगह पेपर दे रहे थे। ये सेंटर स्टाफ को चकमा देकर पेपर देने बैठ गए लेकिन फ्लाइंग टीम की नजरों से बच नहीं सके। फ्लाइंग टीम ने जब रोल नंबर लिस्ट में लगी फोटो और परीक्षार्थियों के चेहरों का मिलान शुरू किया तो ये पकड़ में आ गए।

खेमकरण-पुन्या स्कूलों का सेंटर, बोर्ड को भेजी शिकायत

सोमवार को 10वीं के अंग्रेजी के पेपर में खेमकरण के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल और पुन्या के हरिसिंह नलवा सीनियर सेकेंडरी स्कूल का सेंटर संत सिंह सुक्खा सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बना था। स्कूल स्टाफ की निगरानी में परीक्षा चल रही थी। जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल सिंह की अध्यक्षता में पहुंची फ्लाइंग टीम ने जब शिक्षा विभाग की ओर से भेजी गई फोटोयुक्त रोल नंबर लिस्ट से परीक्षार्थियों के चेहरों का मिलान शुरू किया तो एक विद्यार्थी का चेहरा लिस्ट में रोल नंबर के साथ लगी फोटो से मेल नहीं खा रहा था। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने मान लिया कि वह अपने रिश्तेदार की जगह पेपर देने आया था।

इसके बाद जब पूरे सेंटर की जांच की गई तो एक-एक कर छह नए मामले सामने आ गए। इनमें एक लड़की भी थी। ये सभी रिश्तेदारों की जगह पेपर दे रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने लड़की सहित सातों को हिरासत में लेकर केस दर्ज कर लिया। जिला प्रशासन ने मामले की डिटेल बनाकर शिक्षा बोर्ड को भेज दी। पुलिस ने सातों पर मामला दर्ज कर लिया लेकिन जिन परीक्षार्थियों की जगह ये पेपर देने आए थे, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए? ये बोर्ड ही बताएगा।

नकल रोकने पहुंचे एडीसी 10 मिनट तक परीक्षा सेंटर का दरवाजा न खुलने पर दीवार फांदकर अंदर घुसे

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने तरनतारन जिले में 10वीं की परीक्षाओं के दौरान नकल रोकने के लिए एडीसी रजनीश अरोड़ा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। सोमवार को 10वीं के पहले पेपर के दौरान अरोड़ा गुरु अर्जुनदेव सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर पहुंचे तो वहां दरवाजा बंद मिला। नियमानुसार, परीक्षा के दौरान सेंटर का दरवाजा बंद नहीं किया जा सकता। करीब 10 मिनट तक जब किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो अरोड़ा स्कूल की दीवार फांदकर अंदर दाखिल हो गए। दरवाजा न खोलने के बारे में सेंटर सुपरिंटेंडेंट स्वराज कौर का कहना था कि पूरा स्टाफ नकल रहित परीक्षा करवाने में उलझा था इसलिए देरी हो गई।