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रनों के खिलाफ हाईकोर्ट में 11 बजे रिट 4 घंटे में नोटिस, 5:30 बजे प्रदर्शन खत्म

नेताओं पर दर्ज हुए इरादा-ए-कत्ल केस के खिलाफ शुक्रवार सुबह से ही पंजाब के दर्जनभर जिलों में शिअद ने हाईवे जाम रखे।

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 06:55 AM IST

बठिंडा/चंडीगढ़. फिरोजपुरकेमल्लांवाला में निकाय चुनाव के दौरान हुई हिंसक झड़प में शिअद नेताओं पर दर्ज हुए इरादा-ए-कत्ल केस के खिलाफ शुक्रवार सुबह से ही पंजाब के दर्जनभर जिलों में शिअद ने हाईवे जाम रखे। कहीं एंबुलेंस फंसी रही तो कहीं बारात। चार से पांच घंटे तक लोग जाम में ही फंसे रहे। इस बीच, गनीमत ये रही कि इसके खिलाफ सुबह 11 बजे वकील वीरेंद्र पाल ने हाईकोर्ट में याचिका डालकर गुजारिश की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पर तुरंत सुनवाई की जाए। जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस अमित रावल की बेंच ने भी इसकी गंभीरता समझ 2 बजे सुनवाई शुरू कर दी। सवा 3 बजे कोर्ट ने राज्य सरकार, डीजीपी और सियासी दलों को नोटिस जारी कर सिर्फ बिना मजिस्ट्रेट मंजूरी के दिए जा रहे धरनों को अवैध बताया, बल्कि 13 दिसंबर तक जवाब-तलब कर लिया। हालांकि, पेश हुए एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने भी निगम चुनावों के मद्देनजर किसी भी तरह के धरने, मीटिंग, जाम करने को आश्वस्त किया। हाईकोर्ट के नोटिस के बाद सरकार ने कमेटी बना दी और धारा हटाने वाली मांग मान ली। इसके बाद साढ़े 4 बजे से शिअद ने धरने उठाने शुरू कर दिए।

ये किया कमेटी ने... नोटिसके बाद सरकार भी हरकत में आई और डीआईजी (फिरोजपुर) राजेंद्र सिंह, डीसी रामबीर और एसएसपी (फिरोजपुर) समेत 5 मेंबरी टीम को मौके पर भेज शिअद नेताओं पर दर्ज केस से इरादा कत्ल की धारा 307 हटाने की घोषणा कर दी।
-चुनाव आयोग ने वीरवार रात को ही हिंसा के मामले में मल्लांवाला के एसएचओ और जीरा के डीएसपी को चुनाव प्रक्रिया से हटाने के निर्देश दे दिए थे।


पठानकोट में फंसी बारात
नवांशहर, कपूरथला, अमृतसर, पठानकोट, बठिंडा, लुधियाना, होशियारपुर, फिरोजपुर, मानसा, संगरूर, बरनाला और मोगा में सुबह 10 से साढ़े 4 बजे तक धरने दिए गए। अमृतसर से मरीज लेकर जम्मू जा रही एबुलेंस भी करीब 5 घंटे ट्रैफिक जाम में फंसी रही। माधोपुर में जम्मू से गुरदासपुर जा रही बारात भी जाम में फंस गई। इसमें शामिल लोगों ने काफी दूर पैदल सफर किया।
कहीं एंबुलेंस फंसी रही, तो कहीं बारात...