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कभी स्कूल का मुंह नहीं देखा, 25 साल पहलवानी करने के बाद स्टार बने दोनों भाई

वडाली वडाली बर्दस में अब पूरनचंद वडाली ही अकेले बचे। उनके छोटे भाई प्यारेलाल वडाली की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 02:19 PM IST

अमृतसर. सूफी गायकी के लिए दुनियाभर में फेमस जोडी वडाली ब्रदर्स अब टूट गई। इस जोड़ी में से छोटे भाई प्यारेलाल वडाली का गुरुवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। उन्होंने अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में आखिरी सांस ली। हजारों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई पूर्णचंद वडाली ने रोते हुए छोटे भाई को आखिरी सलाम किया।

- पूर्णचंद वडाली और प्यारे लाल वडाली दोनों साथ-साथ शो करते थे। उन्होंने बॉलीवुड में कई फेमस गीत गए।

- भारत सरकार ने दोनों भाइयों को पदमश्री अवार्ड से भी नवाजा था।

- पिता ठाकुरदास वडाली ने पहलवानी छोड़ने और संगीत सिखने के लिए कहा और हमें बात माननी पड़ी।

1975 में दी थी पहली बार प्रस्तुति

- पूरणचंद ने बताया कि शुरु में पिता ने संगीत की शिक्षा दी। उसके बाद पंडित दुर्गादास और उस्ताद बड़े गुलाम अली खान, पटियाला घराना से स्वर साधना सीखी।

- 1975 में जालंधर के गांव हरवल्लभ में हमने पहली बार प्रस्तुति दी थी। पूरनचंद वडाली ने बताया कि हम भाइयों ने बुल्ले शाह, कबीर, अमीर खुसरो और सूरदास के पदों को सुरों में पिरोया।

- गुरबानी के अलावा गजल और भजन भी गाए। 2003 में बॉलीवुड में एंट्री हुई। फिल्म पिंजर में गुलजार का लिखा गाना गाया। पूरनचंद वडाली को पद्मश्री अवॉर्ड भी मिला है।

वडाली ब्रदर्स के फेमस गाने

गाना - दमादम मस्त कलंदर
एलबम- द बेस्ट ऑफ वडाली ब्रदर्स, 2002

गाना- इक तू ही तू ही

मूवी- मौसम, 2011

गाना - सोहने यार
एलबम- द बेस्ट ऑफ वडाली ब्रदर्स, 2002

गाना - याद पिया की आये
एलबम- याद पिया की..., 2007

गाना - अल्फे अल्ला
एलबम- द बेस्ट ऑफ वडाली ब्रदर्स, 2002