अमृतसर

--Advertisement--

झूठ छिपाने के लिए जिंदा बेटे को मरा दिखाया, JNDU की डॉयरेक्टर यूथ वेल्फेयर का मामला

सर्टिफिकेट को कोर्ट में पेश करने पर डॉ. जगजीत कौर को दो बार नोटिस भी भेज दिया है।

Danik Bhaskar

Dec 31, 2017, 06:10 AM IST

अमृतसर. गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी की डॉयरेक्टर यूथ फेस्टिवल डॉ. जगजीत कौर के जाली सेलरी सर्टिफिकेट मामले के साथ अब बेटे के जन्म सर्टिफिकेट का मामला भी जुड़ गया है। गढ़शंकर में चल रहे एक मामले में डॉ. जगजीत कौर ने जिला अदालत के समक्ष एक जन्म सर्टिफिकेट को पेश किया, लेकिन काउंटर जवाब में इसे सही साबित नहीं कर पाई। वहीं दूसरे पक्ष के वकील ने इस सर्टिफिकेट को कोर्ट में पेश करने पर डॉ. जगजीत कौर को दो बार नोटिस भी भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार डॉ. जगजीत का यह वही बेटा है, जिसे इस साल यूथ फेस्टिवल में बेस्ट डांसर और एक्टर के खिताब से नवाजा गया। जिसके बाद कई कॉलेजों ने भी इस पर ऐतराज भी उठाया था। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार डॉ. जगजीत कौर ने सितंबर 1992 मध्य से दिसंबर 1992 मध्य तक तीन माह की मेटरनिटी लीव ली थी। इसी दौरान 16 सितंबर 1992 को उनके छोटे बेटे ने हरतेज अस्पताल में जन्म लिया। लेकिन डॉ. जगजीत ने उसका जन्म सर्टिफिकेट रिसीव ही नहीं किया। डॉ. जगजीत कौर ने दो साल बाद 1994 में उसी बेटे के नाम का सर्टिफिकेट तैयार करवा लिया। इसी के आधार पर उन्होंने स्कूल में एडमिशन भी करवाई। अभी तक वही सर्टिफिकेट का प्रयोग भी हो रहा है।

अदालत में गवाही के दौरान डॉ. जगजीत कौर ने 1992 में पैदा हुए बेटे के मरे होने की बात कह डाली। लेकिन दूसरे पक्ष के वकील ने उन्हें घेर लिया। डॉ. जगजीत कौर ने कहा कि 1992 में उनका बेटा मर गया था और 16 सितंबर 1994 में दोबारा एक बेटे ने जन्म लिया। लगाव के कारण दोनों बेटों का नाम भी एक ही चुन लिया। लेकिन दूसरे पक्ष के वकील ने कोर्ट में बीबीके डीएवी कॉलेज का अटेंडेंस रिकार्ड दिखा दिया। क्योंकि उस समय वह इस कॉलेज में बतौर प्रोफेसर काम कर रही थीं। इस अटेंडेंस रिकार्ड को उन्होंने आरटीआई के माध्यम से प्राप्त किया था। इस रिकॉर्ड में बात स्पष्ट हुई कि डॉ. जगजीत कौर 16 सितंबर 1994 को कॉलेज में ही थी और उसके अगले दिन भी वह कॉलेज गईं।

हमने डॉ. जगजीत कौर को गलत सर्टिफिकेट कोर्ट में पेश करने के खिलाफ पिछले माह नोटिस भेजा था। लेकिन वे अपने बड़े बेटे के पास आस्ट्रेलिया चली गई। लेकिन अब वकील ने दोबारा नोटिस भेजा है। सच है कि वह जाली जन्म सर्टिफिकेट का जवाब देने से भाग रही हैं। -जसपालसिंह, पूर्व पति

मामला कोर्ट में है, इसलिए मैं इस बारे में कुछ भी नहीं कहूंगी। मेरे बारे में गलत बातें फैलाई जा रही हैं। मेरा जसपाल सिंह के साथ फेमिली डिस्प्यूट चल रहा है। मुझे परेशान करने के लिए गलत बयानबाजी हो रही है। मैं विदेश गई थी, मुझे कोई नोटिस भी नहीं मिला। -डॉ.जगजीत कौर, डॉयरेक्टर यूथ वेल्फेयर, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी

Click to listen..