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पांच दिन से काेमा में है ये 12वीं की स्टूडेंट, इस वजह से ऐसी हुई है हालत

एक ही वेंटीलेटर खाली होने के कारण पहले तो जीएनडीएच प्रबंधन ने इंकार कर दिया।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 07:58 AM IST

जालंधर/अमृतसर. अमृतसर-वाघा बाइपास स्थित मैरिटोरियस स्कूल की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा जैसमीन निवासी जोहल, जालंधर की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। पिछले पांच दिनों से वह कोमा में है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस अभी तक उसकी आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में कामयाब नहीं हुई है। सोमवार को जैसमीन को अमनदीप अस्पताल से गुरु नानक देव अस्पताल शिफ्ट करने की बात चलती रही, लेकिन स्कूल व अभिभावक इस संबंध में अभी फैसला नहीं ले पाए हैं।

गौरतलब है कि बीते बुधवार जैसमीन मेरिटोरियस स्कूल के होस्टल में सुबह 6.30 बजे पंखे से लटके मिली थी। कुछ ही समय बाद उसे गुरु नानक देव अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। लेकिन उसके बाद उसे अमनदीप अस्पताल दाखिल किया गया, लेकिन वहां भी पिछले पांच दिनों में उसकी सेहत में कोई सुधार नहीं मिल रहा। अमनदीप अस्पताल में उसका इलाज कर रहे डॉ. एए मेहरा ने बताया कि शुरुआती जांच में कुछ आस जगी थी, लेकिन 72 घंटे बीत जाने के बाद भी उसके शरीर ने रिस्पांड नहीं किया है। इसके बाद से उसके ठीक होने की उम्मीद बहुत कम हो गई है।

जीएनडीएच में शिफ्ट करने पर कर रहे विचार

अस्पताल में आ रहे खर्च को देखते हुए जैसमिन का परिवार और मेरिटोरियस स्कूल प्रशासन अब जैसमीन को गुरु नानक देव अस्पताल में एडमिट करवाना चाहता है। वहां एक ही वेंटीलेटर खाली होने के कारण पहले तो जीएनडीएच प्रबंधन ने इंकार कर दिया, लेकिन दोबारा रिक्वेस्ट करने पर मंजूरी दे दी गई है।

जैसमीन की डायरी एकमात्र सबूत


एडीसीपी लखबीर सिंह ने बताया कि स्कूल के विद्यार्थियों और पारिवारिक सदस्यों से पुलिस बात कर चुकी है, लेकिन सुसाइड के कारण का कुछ भी पता नहीं चल पाया है। वहीं दूसरी तरफ लड़की के पास या उसके कमरे से भी कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पूरा कमरा ढूंढने के बाद एक डायरी मिली है, जिसमें उसने शायरी व मैसेज लिखे हैं। उसमें भी सुसाइड के कारणों का कोई सुराग नहीं मिला है।