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एयरपोर्ट पर पहले से पता होगी यात्री की पूरी प्रोफाइल, सॉफ्टवेयर के जरिए जोड़ेगा

जानकारी के अनुसार अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो मार्च के अाखिर तक इसे अमलीजामा पहना दिया जाएगा।

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2018, 04:34 AM IST
The full profile of traveler will be known at the airport already

अमृतसर. एयरपोर्ट पर तैनात इमिग्रेशन विंग और विदेश स्थित भारतीय दूतावासों को जल्द ही सॉफ्टवेयर के जरिए आपस में जोड़ दिया जाएगा। इसकी शुरुआत दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से होगी। दूतावासों और भारतीय एयरपोर्ट के इमिग्रेशन विंग के बीच होने वाले इस इंटीग्रेशन से जहां विदेश से आने वाले संदिग्ध मुसाफिरों की आसानी से पहचान की जा सकेगी वहीं विदेशी मुसाफिरों की इमीग्रेशन जांच प्रक्रिया महज एक मिनट में पूरी हो जाएगी। जानकारी के अनुसार अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो मार्च के अाखिर तक इसे अमलीजामा पहना दिया जाएगा।

इसके जरिए विदेश से आने वाले मुसाफिरों पर सीधी निगाह रखना संभव होगा। इसके लागू होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को पता होगा कि कौन सा मुसाफिर किस उद्देश्य से

यह है मौजूदा इमिग्रेशन प्रक्रिया

मौजूदा इमिग्रेशन प्रक्रिया के तहत विदेश से आने वाले मुसाफिरों को फिलहाल एक इमीग्रेशन फॉर्म भरना होता है। इसमें नाम, पासपोर्ट नंबर, फ्लाइट नंबर, आगमन तिथि जैसी जरूरी सभी जानकारियां मांगी जाती हैं। अराइवल विंग में तैनात अधिकारी पासपोर्ट के बायोडाटा पेज और वीजा स्कैन करते हैं। बायोडाटा पेज और वीजा में मौजूद फीचर्स की यूवी लाइट से जांच की जाती है। सब कुछ सही पाए जाने के बाद इमिग्रेशन अधिकारी पासपोर्ट पर अराइवल की मुहर लगाकर मुसाफिरों को देश में प्रवेश की इजाजत दे देते हैं।

ऐसे बेहतर होगी निगरानी

1. दूतावास में यात्री का वीजा जारी होते ही उसकी फोटो, फिंगर प्रिंट समेत अन्य जानकारियां भारतीय एयरपोर्ट के इमीग्रेशन विंग के पास पहुंच जाएंगी।
2. इसके बाद जब मुसाफिर भारतीय एयरपोर्ट पहुंचेगा तो ई-इमीग्रेशन काउंटर पर उसे अपने पासपोर्ट का बायोडाटा स्कैन कराना होगा।
3. इस दौरान इमीग्रेशन विंग के पास दूतावास से मिली जानकारियां पहले से मौजूद होंगी, जिनका ई-इमीग्रेशन काउंटर पर मिलान कर लिया जाएगा।

अमेरिका में होता है यह सब
अमेरिकन दूतावास वीजा जारी करते वक्त आवेदक की जानकारियां अपने सभी एयरपोर्ट स्थित इमीग्रेशन विंग से साझा करता है। इसके चलते अमेरिकन एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन जांच अधिकारी के पास मुसाफिर की जानकारी पहले से मौजूद होती है। अधिकारी को पता होता है कि मुसाफिर किस वजह से यहां आया है। किस होटल में रुकने वाला है। इसके अलावा दूसरे देश में स्थित अमेरिकन दूतावास में दिए गए फिंगर प्रिंट और फोटो भी अमेरिकन एयरपोर्ट के इमीग्रेशन अधिकारी के पास मौजूद होते हैं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर इमिग्रेशन अधिकारी मुसाफिर से सवाल-जवाब करते हैं। संतुष्ट होने पर मुसाफिर को अपने देश में प्रवेश की इजाजत दे देते हैं।

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