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लाश लेने आए ससुराली-मायके वाले भिड़े, 40 पुलिस कर्मियों को करना पड़ा कंट्रोल

bhaskar news | Last Modified - Dec 19, 2017, 06:27 AM IST

मायके वालों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने ससुरालियों से परेशान होकर आग लगाई है।
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    डेमो फोटो

    बठिंडा.विवाहिता की लाश लेने के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में ससुराल वाले और मायके वाले आपस में भिड़ गए। मामला इतना बढ़ गया कि करीब 40 पुलिस मुलाजिमों को दोनों पक्षों को कंट्रोल करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। आखिर पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर मायके वालों को सौंप दी। मायके वालों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने ससुरालियों से परेशान होकर आग लगाई है।

    पीड़ित परिवार ने आरोपियों पर केस दर्ज करने की मांग को लेकर धरना देने की चेतावनी दी तो दयालपुरा पुलिस ने मृतका के भाई के बयानों पर आरोपी सास और पति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। जबकि जिस दिन विवाहिता जली थी। उस दिन उसने ड्यूटी मजिस्ट्रेट जेएमआईसी रवतेश इंद्रजीत सिंह को बयान दिया था कि वह अपने किए के लिए खुद जिम्मेवार है।

    भाई के बयान पर सास और पति पर केस
    एएसआईनवयुगदीप सिंह ने बताया कि केसर सिंह वाला निवासी आरोपी धर्मजीत सिंह और उसकी मां गुरदयाल कौर पर केस दर्ज किया है। मृतका के भाई गुरप्रीत सिंह ने अपने बयान में बताया कि आरोपी धर्मजीत सिंह की गांव में करियाने की दुकान है। अपने पति सास से दुखी होकर सरबजीत कौर ने 11 दिसंबर को घर में खुद पर तेल डाल कर आग लगा ली थी। नवयुगदीप ने बताया कि झुलसी हालत में सरबजीत ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि दीमागी परेशानी के चलते लंबे समय से उसे नींद नहीं आती थी। उसी परेशानी में 11 दिसंबर को उसने घर में पड़ा डीजल उठा कर खुद पर उड़ेल लिया। उसी हालत में वो चाय बनाने लगी, जिससे उसके कपड़ों ने आग पकड़ ली और वो झुलस गई। नवयुगदीप ने कहा कि फिलहाल गुरप्रीत के बयान पर केस दर्ज कर लिया गया है।

    एक-दूसरे को मारने के लिए हाथ में कुर्सियां तक उठाईं
    सोमवार को सिविल अस्पताल में सर्बजीत कौर के पोस्टमार्टम से पहले मायके वालों ने ससुरालियों पर उसकी हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हालात बेकाबू होने पर अस्पताल प्रबंधन को पुलिस को बुलाना पड़ा आैर स्थित को काबू करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करवाना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में ही मामला हाथापाई तक पहुंच गया। यहीं नहीं दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने के लिए कुर्सियां तक उठा लीं। दयालपुरा पुलिस ने मामले को शांत करने के बाद लाश मायका परिवार को सौंप दी।

    जिले के गांव केसर सिंह वाले के रहने वाले धर्मजीत सिंह के साथ गांव रौंता वासी सर्बजीत कौर की शादी 8 साल पहले हुई थी। शादी के बाद सर्बजीत कौर के एक बेटा और एक बेटी हैं। सरबजीत कौर (30) ने 10 दिन पहले घर में खुद पर डीजल डालकर आग लगा दी। उसे पहले बठिंडा के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां उसकी हालत गंभीर होने पर उसे बठिंडा के 100 फीट रोड पर स्थित कोस्मो अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां 9 दिन से सर्बजीत कौर उपचार चल रहा था। जहां सोमवार को इलाज के दौरान अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।

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Web Title: The Inmates Who Took The Dead Body
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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