--Advertisement--

पुल से ट्रेक पर गिरा ट्रक, ट्रेन से हुई टक्कर से लगी आग तो ड्राइवर-क्लीनर जिंदा जले

ट्रैक पर कुछ पड़ा होने का अंदेशा हुआ तो ड्राइवर ने घटा दी थी स्पीड, धुंध होने आैर रोड न दिखने के चलते क्या हुआ पता नहीं।

Dainik Bhaskar

Jan 25, 2018, 04:18 AM IST
ट्रेन टकराते वक्त ट्रक चालक आैर क्लीनर अंदर ही थे। ट्रेन टकराते वक्त ट्रक चालक आैर क्लीनर अंदर ही थे।

राजपुरा. राजपुरा सरहिंद रोड के रेलवे ओवरब्रिज से मंगलवार रात 10.50 पर धुंध के चलते रास्ता न दिखने से ट्राला अमृतसर-अंबाला मेन रेल लाइन पर गिर गया। इतने में ही दूसरी तरफ से जम्मू से कानपुर जा रही ट्रेन पहुंच गई आैर ट्राले को 100 मीटर तक घसीटने ले गई जिससे ट्रक को आग लग गई। हादसे में ट्रक ड्राइवर हरविन्द्र सिंह की जीभ में कट लगा है और कलीनर हरदीप सिंह 12 प्रतिशत के करीब जल गया। गनीमत यह रही कि ट्रेन में सभी सवारियों सुरक्षित रहीं। ट्रेन ड्राइवर गुरचरण सिंह की सूझबूझ से यह बड़ा हादसा टल गया।

ट्रेन ड्राइवर गुरचरण की जुबानी...एकदम ब्रेक लगा देता तो ट्रेन डीरेल का खतरा था, भाग्य हमारे साथ था
- मैं जम्मू से ट्रेन लेकर कानपुर जा रहा था। जब सरहिंद के पास पहुंचा तो फ्लाईआेवर के नीचे ट्रैक पर अचानक नजर गई तो आगे कुछ गिरा नजर आया। हालांकि आगे राजपुरा स्टेशन पर स्टाप होने के चलते ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा नहीं थी लेकिन फिर भी मैंने स्पीड आैर कम कर दी।
- ट्रेन नजदीक पहुंची तो आगे पड़े ट्रक से टकरा गई गई। हालात ऐसे थे कि ट्रेन को अचानक नहीं रोका जा सकता था नहीं तो डीरेल का खतरा हो जाता।
- टक्कर के बाद ट्रक को आग लग गई। अगर ट्रक ट्रैक से बाहर नहीं गिरता तो ट्रेन को ज्यादा नुकसान हो सकता था। लेकिन शायद भाग्य उनके आैर सवारियों के साथ-साथ ट्रक ड्राइवर आैर क्लीनर के साथ भी था जिससे सभी जानें सुरक्षित रहीं। (जैसा स्टेशन मास्टर अशोक कुमार को बताया)

20 साल से रेलवे आेवर ब्रिज पर लाइटें ही नहीं हैं - जिस ओवर ब्रिज से कल ट्रक ट्राला गिरा, वहां करीब 20 साल से लाइटें नहीं हैं।ओवरब्रिज नेशनल हाईवे पर है, इसके बावजूद आज तक इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया जबकि यहां पर लाइटें लगाने के लिए स्थानीय लोग कई बार प्रशासन से मांग कर चुके हैं।

- इस पुल पर लाइटें न होना ही इस हादसे का मुख्य कारण बनीं। भास्कर ने दुर्घटना स्थल की पड़ताल की तो सामने आया कि जहां से ओवर ब्रिज शुरू होता है, वहां तक तो स्ट्रीट साइट्स हैं पर जब ओवर ब्रिज पर चढ़ते हैं तो अंधेरा छा जाता है।

- पीेछे से लाइटों में आ रहे चालक यहां पर अधिक अंधेरा होने से संतुलन खो देते हैं जिसके चलते कई बार यहां पर हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि यहां पर लाइटें लगवाई जाएं।

- लोगों का कहना है बड़े वाहन की लाइट तो ज्यादा होती है जिससे वो जैसे-तैसे निकल जाते हैं लेकिन टू व्हीलर वालों को यहां से निकलने में खासी दिक्कत आती है। अभी तक कई दोपहिया चालक यहां पर चोटिल हो चुके हैं।

आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...

हादसे की दूसरी रात की फोटो। अंधेरे में ऐसे डूबा रहता है पुल। हादसे की दूसरी रात की फोटो। अंधेरे में ऐसे डूबा रहता है पुल।
हॉस्पिटल में इलाज करते हुए। हॉस्पिटल में इलाज करते हुए।
ट्क के ड्राइवर और क्लीनर काफी झुलस गए थे। ट्क के ड्राइवर और क्लीनर काफी झुलस गए थे।
ड्राइवर की जीभ में भी कट लग गया है। ड्राइवर की जीभ में भी कट लग गया है।
X
ट्रेन टकराते वक्त ट्रक चालक आैर क्लीनर अंदर ही थे।ट्रेन टकराते वक्त ट्रक चालक आैर क्लीनर अंदर ही थे।
हादसे की दूसरी रात की फोटो। अंधेरे में ऐसे डूबा रहता है पुल।हादसे की दूसरी रात की फोटो। अंधेरे में ऐसे डूबा रहता है पुल।
हॉस्पिटल में इलाज करते हुए।हॉस्पिटल में इलाज करते हुए।
ट्क के ड्राइवर और क्लीनर काफी झुलस गए थे।ट्क के ड्राइवर और क्लीनर काफी झुलस गए थे।
ड्राइवर की जीभ में भी कट लग गया है।ड्राइवर की जीभ में भी कट लग गया है।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..