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‘सत बेगाने’ से जीवन में औरत की अहमियत बताई

अावाज रंगमंच टोली ने पंजाब नाटशाला के सहयोग से वीरवार की शाम को अजमेर सिंह अौलख लिखित एवं कंवल रंदेय निदेशित नाटक...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:05 AM IST
‘सत बेगाने’ से जीवन में औरत की अहमियत बताई
अावाज रंगमंच टोली ने पंजाब नाटशाला के सहयोग से वीरवार की शाम को अजमेर सिंह अौलख लिखित एवं कंवल रंदेय निदेशित नाटक ‘सत बेगाने’ का मंचन किया। नाटक की कहानी में प्रमुख तौर पर मर्द के जीवन में अौरत की अहमियत को दर्शाया गया अौर समाज में जातिवाद की समस्या, किसानी परिवार की अार्थिक अौर सामाजिक मुश्किलों को भी मंच पर उतारा गया। नाटक सत बैगाने समाज के खिलाफ जाकर अंतर जाति विवाह करवाने वाले बच्चने अौर जय कौर के घर की कहानी है। शादी के कर्इ वर्ष बीत जाने के बाद भी समाज उनकी शादी को मान्यता नहीं देता अौर उनके चारों बेटों की शादी के लिए कोर्इ अपनी बेटी का रिश्ता नहीं देता। नाटक समाज की सोच पर चोट कर गया कि कैसे समाज अंतर जाति शादी को मंजूर नहीं करता।

नाटक में सहायक निर्देशक नवनीत गुमानपुरा, संगीत गगन वडाली का था। कलाकारों में मनजिंदर मल्ली, डौली संदल, परगट सिंह, विशु ,गुरकिरत संधु,बचनपाल, विकास सोनू, जसवंत मिंटू, साहिल,जसकरण, सुखमनी उप्पल, जसमेल सिंह, जपनूर, लवप्रीत अौर कर्मजीत संधू ने बाखूबी भूमिका निभाई।

अावाज रंगमंच टोली ने पंजाब नाटशाला में ‘सत बेगाने’ नाटक का मंचन किया

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‘सत बेगाने’ से जीवन में औरत की अहमियत बताई
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