• Hindi News
  • Punjab
  • Amritsar
  • 2016 के बजट में कुलियों को ‘सहायक’ का दर्जा दिया गया था, उस पर भी कुछ नहीं कर सका रेलवे
--Advertisement--

2016 के बजट में कुलियों को ‘सहायक’ का दर्जा दिया गया था, उस पर भी कुछ नहीं कर सका रेलवे

वर्ष 2016 में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभू ने कुलियों को सम्मान देने के लिए ‘सहायक’ का नाम देने की घोषणा रेल बजट...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:05 AM IST
2016 के बजट में कुलियों को ‘सहायक’ का दर्जा 
 दिया गया था, उस पर भी कुछ नहीं कर सका रेलवे
वर्ष 2016 में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभू ने कुलियों को सम्मान देने के लिए ‘सहायक’ का नाम देने की घोषणा रेल बजट में की थी। दो साल बीत जाने के बाद भी उन्हें यह सम्मान नहीं मिल पाया है। हर साल पेश किए जाने वाले बजट में कुली अपने आप को कुछ मिलने की उम्मीद तो रखते है, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। इस बार के बजट में भी कुलियों के लिए कुछ नहीं आया। उन्हें इस बार भी निराशा ही मिली है। केंद्र सरकार के आए अंतिम बजट से कुली तो पूरी तरह से निराश ही है। आल इंडिया लाल वर्दी कुली यूनियन के प्रधान कर्म सिंह का कहना था कि उनकी मांग है कि उन्हें 2008 वर्ष की तरह ग्रुप डी मिले। उन्होंने बताया कि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने इस ग्रुप के तहत कुलियों को गैंगमैन के तौर पर रखा था, यहीं उम्मीद वह हर साल बजट से लगाते है।

मायूसी

कुली बोले, हर साल बजट से उम्मीद रखते हैं, लेकिन मिलता कुछ नहीं

रेलवे में नौकरियों की घोषणा होनी चाहिए थी : मदन लाल

उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन के डिवीजन सेक्रेटरी मदन लाल और कैशियर रमन महाजन ने कहा कि बजट में कुछ भी खास नहीं रहा है। इस समय बेरोजगारी सबसे बड़ी मुश्किल बनी हुई है, लेकिन रोजगार देने के लिए कोई घोषणा नहीं हुई है। इस समय रेलवे को आगे ले जाने के लिए युवाओँ की बहुत जरूरत है। बहुत सी पोस्टें खाली हो चुकी है, लेकिन वहां नए कर्मचारी भर्ती नहीं किए जा रहे है। रेलवे को आगे लेकर जाना है तो नई भर्ती की बहुत जरूरत है।

बजट रेलवे कर्मचारी विरोधी है : ईश देवगन

नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन इंजीनियरिंग ब्रांच के सेक्रेटरी ईश देवगन ने कहा कि बजट पूरी तरह से निराशाजनक है। रेलवे के लिए कुछ भी नहीं रखा गया। रेलवे एंप्लॉयज के लिए भी बजट पूरी तरह से खाली रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सकी है। बजट में सिर्फ जनता को लोक लुभावने सपने ही दिखाए गए है। बजट पूरी तरह से जन विरोधी और रेलवे कर्मचारी विरोधी है।

X
2016 के बजट में कुलियों को ‘सहायक’ का दर्जा 
 दिया गया था, उस पर भी कुछ नहीं कर सका रेलवे
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..