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वंदेमातरम् की अलख जगाते मुंबई से शहर पहुंचे नागराज गौड़ा

Amritsar News - इंसान द्वारा सच्चे दिल से लिया गया कोई भी संकल्प कद, पद और पैसे का मोहताज नहीं होता। बस, संकल्प लेने वाले में जज्बा...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:05 AM IST
वंदेमातरम् की अलख जगाते मुंबई से शहर पहुंचे नागराज गौड़ा
इंसान द्वारा सच्चे दिल से लिया गया कोई भी संकल्प कद, पद और पैसे का मोहताज नहीं होता। बस, संकल्प लेने वाले में जज्बा होना चाहिए उसे पूरा करने का। इसी की मिसाल हैं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देेवेगौड़ा के शहर और कर्नाटक के जिले हासन के रहने वाले 45 वर्षीय नागराज गौड़ा। नागराज सभी देशवासियों को “वंदे मातरम्’ का जयघोष करवाने का संकल्प लेकर साइकिल से ही अमृतसर आ गए हैं। अपने इस सफर में उन्होंने देश की एकता-अखंडता, सामाजिक समभाव, पर्यावरण और बेटी का संरक्षण तथा आर्थिकता की मजबूती को भी शामिल किया है।

संसाधनों की मोहताज नहीं देशभक्ति : सिर्फ 10वीं तक पढ़े नागराज ने बताया कि देश में जगह-जगह से उठ रहे वंदे मातरम् के खिलाफ, आतंकवाद, अपने ही देश के भीतर असहिष्णुता, कन्या भ्रूणहत्या, नारी अपमान और पर्यावरण के बिगड़ते स्वरूप ने उनको इतना उद्वेलित किया कि वह खाली हाथ ही लोगों को जगाने के लिए निकल पड़े। कुछ कपड़े और सवारी के लिए साइकिल ही उनकी मूल जमापूंजी है। साइकिल के आगे एक तरफ तिरंगा तो दूसरी तरफ शंकर जी की मूर्ति लगा कर वह 3 दिसंबर को मुंबई की अंधेरी से वंदे मातरम् बोलते हुए देश भ्रमण पर निकल गए। जहां भी जाते हैं मंदिर, गुरुद्वारे, मस्जिद, चर्च में खाना खा लेते हैं और वहीं पर सो जाते हैं। उनका कहना है कि हमारा देश बड़ा न्यारा है, हर जगह लोग उनकी मदद करते हैं, कहीं भी पैसे की कमी आड़े नहीं आई।

तय कर लिया 4,000 किमी का सफर : नागराज ने बताया कि उन्होंने मुंबई के बाद पूरा गुजरात तय किया और फिर राजस्थान पहुंचे। अजमेर शरीफ, पुष्कर आदि होते हुए हरियाणा आए।

इसके बाद पंजाब के विभिन्न शहरों से होते हुए गत सुबह अमृतसर पहुंचे हैं। रोजाना साइकिल से 70 से 80 किमी सफर तय करने के दौरान उन्होंने अब तक पूरे 4,000 किमी का सफर तय किया है। वह जहां भी जाते हैं लोगों को देश में पनप रहे आपसी टकरा, सांप्रदायिकता को छोड़ मिलजुल कर रहने, बेटियों की अच्छी परवरिश, हरेक का सम्मान-आदर और हरेक को आर्थिक रूप से संपन्न होने का संदेश देते हैं। उनका कहना है कि जरूरी नहीं कि नौकरी करके ही संपन्न होया जाए, छोटे से छोटा काम करके अपनी और देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।

जज्बा

भारत भ्रमण पर निकले कर्नाटक के गौड़ा साइकिल पर 4,000 किमी का सफर तय कर यहां पहुंचे

कर्नाटक के नागराज गौड़ा।

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