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रासा करेगी फैसले का विरोध, 5 फरवरी को रिकोग्नाइज्ड व एफिलिएटेड स्कूल रखेंगे बंद

रिकोग्नाइज्ड एंड एफिलिएटेड स्कूल एसोसिएशन (रासा) की चंडीगढ़ में हुई राज्य स्तरीय बैठक में शिक्षा विभाग के सेल्फ...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 03:05 AM IST
रिकोग्नाइज्ड एंड एफिलिएटेड स्कूल एसोसिएशन (रासा) की चंडीगढ़ में हुई राज्य स्तरीय बैठक में शिक्षा विभाग के सेल्फ सेंटरों के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। निजी स्कूलों के सेंटर भी सरकारी स्कूलों में बनाने और सरकारी स्कूलों के सेंटर भी वहीं बनाने के विरोध में रासा ने पंजाब सरकार को चेतावनी दे दी है। अगर सरकार ने उनकी प्रपोजल पर विचार ना किया तो सोमवार 5 फरवरी को स्कूल बंद रखे जाएंगे।

रासा के महासचिव कुलवंत राय शर्मा ने आरोप लगाया है कि शिक्षा विभाग सेल्फ परीक्षा केंद्र बनाने में भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार तो तीन किलोमीटर के दायरे में सेंटर बनाने की बात कर रही है, लेकिन निजी स्कूलों के साथ भेदभाव बरता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूलों में सुविधाओं की कमी है। जिससे परीक्षार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मांग उठाई है कि सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र के अंदर स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाया जाए। लड़कियों व लड़कों के बाथरूम अलग-अलग हों। परीक्षार्थियों को सिंगल बैंच भी उपलब्ध हों। लेकिन इसके साथ ही हाई कोर्ट के आदेशों सेफ स्कूल वैन संबंधी नियमों की भी पूरी पालना जरूरी हो।

सरकार की वित्तीय हालत ठीक नहीं, अघोषित वित्तीय इमरजेंसी जैसी स्थिति बनी : डीटीएफ

अमृतसर | वेतन देते समय मुलाजिमों को कैटेगरी में बांटना पंजाब की आर्थिक स्थिति की तरफ इशारा कर रही है। पंजाब में अघोषित वित्तीय इमरजेंसी के हालात बन गए हैं। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के जिला प्रधान अश्वनी अवस्थी ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार के फैसलों से मुलाजिमों में रोष पैदा हो चुका है और आने वाले दिनों में खजाना ऑफिस का भी घेराव किया जाएगा। अवस्थी ने कहा कि 30 जनवरी की शाम को जारी पत्र में कैटेगरी के आधार पर अलग-अलग बिल बनाए जाने के दिए आदेश को गलत बताया। नेता जरमनजीत सिंह ने कहा कि 31 जुलाई 2017 के बाद किसी भी रिटायर कर्मी का कोई भी ग्रेच्युटी बिल, कमाई छुट्टी, कम्यूट पेंशन, मेडिकल बिल पास नहीं हो रहा। जिस कारण सरकारी मुलाजिमों को अपने बच्चों की शादी, पढ़ाई, कार लोन व अन्य भी अपने कटवाए जीपी फंड में कोई भी एडवांस जारी नहीं किया जा रहा। इस अवसर पर अमरजीत तेड़ा, सुखराज सरकारिया, अमरजीत, कुलवंत छीना, गुरदेव बासरके, हरजाप सिंह आदि भी मौजूद थे।

रासा से लेनी चाहिए थी राय: कुलवंत शर्मा

कुलवंत शर्मा ने कहा कि सरकार ने सेंटर बनाने और शिफ्ट करने आदि किसी भी मामले में रासा की राय नहीं ली। अब अपने आदेशों को बे-वजह थोप रही है। सरकार का फैसला गलत है, जिससे बच्चों को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि रासा भी नकल रोकने के समर्थन में है। लेकिन इस बीच हमें विद्यार्थियों की सुविधाओं के बारे में भी सोचना चाहिए।