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सीबीएसई हेडक्वार्टर पर छापा; ढाई घंटे चली सर्च

सीबीएसई के पेपर लीक होेने की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की एसआईटी ने शनिवार रात बड़ी कार्रवाई की। रात करीब 9.30 बजे...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:05 AM IST
सीबीएसई के पेपर लीक होेने की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की एसआईटी ने शनिवार रात बड़ी कार्रवाई की। रात करीब 9.30 बजे सीबीएसई के प्रीत विहार स्थित मुख्यालय पर छापा मारा। करीब ढाई घंटे तक मुख्यालय के 11 फ्लोर पर गहन छानबीन की गई। जांच के तथ्यों के आधार पर सीबीएसई के कई कर्मचारियों को देर रात मुख्यालय में बुलाकर पूछताछ भी की गई। कई अहम दस्तावेज जब्त करके एसआईटी रात करीब 12 बजे वापस लौटी। इससे पहले सीबीएसई चेयरपर्सन को ईमेल से पेपर लीक की सूचना देने वाले व्हिसलब्लोअर को पंजाब से हिरासत में लिया गया। पेपर सोर्स के बारे में उससे पूछताछ जारी है। वहीं, एसआईटी ने शनिवार दिनभर एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल और सीबीएसई के कर्मचारी सहित तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनके खुलासों के आधार पर देर रात सीबीएसई हेडक्वार्टर पर छापा मारा गया।

दिल्ली पुलिस के जाॅइंट सीपी आलोक कुमार के अनुसार छापे के दौरान पेपर लीक से जुड़ा अहम डेटा जुटाया गया। हालांकि उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया। दूसरी तरफ, झारखंड पुलिस 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस पेपर लीक की कई अहम कड़ियां जोड़ चुकी है। जल्द ही बड़ा खुलासा संभव है।

दोबारा पेपर लेने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती; याचिकाकर्ता ने कहा- सीबीएसई का फैसला असंवैधानिक और मनमाना


पेपर लीक का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। 12वीं का इकोनॉमिक्स का पेपर देशभर में और 10वीं का गणित का पेपर कुछ जगहों पर दोबारा करवाने को चुनौती देते हुए तीन याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें सीबीएसई के फैसले को मनमाना और असंवैधानिक बताते हुए इस पर रोक की मांग की गई है। साथ ही पहले ली परीक्षा के आधार पर रिजल्ट तैयार करवाने और जांच सीबीआई को सौंपने की भी मांग की गई है। वहीं, एक याचिकाकर्ता ने 12वीं के हर छात्र को एक-एक लाख रुपए मुआवजा दिलवाने की भी मांग की है। याचिकाओं पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है। शकरपुर निवासी याचिकाकर्ता रीपक कंसल ने कहा है कि 10वीं के 16 लाख 38 हजार 428 और 12वीं के 11 लाख 86 हजार 306 बच्चे इस बार परीक्षा दे रहे हैं। बोर्ड का मनमाना फैसला इनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। कुछ बदमाशों की करतूत की सजा देशभर के बच्चों को दी जा रही है।

अमृतसर में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया।

अब पॉलिटिकल साइंस और हिंदी इलेक्टिव के पेपर लीक होने का दावा; सीबीएसई ने कहा- दोनों पिछले साल के

2 अप्रैल को होने वाले 12वीं के हिंदी इलेक्टिव और 6 अप्रैल को होने वाले पॉलिटिकल साइंस के पेपर लीक होने की भी शनिवार को सूचना आई। हालांकि, सीबीएसई ने दोनों पेपर पिछले साल के होने का दावा किया है। वहीं, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अनिल स्वरूप ने कहा कि हिंदी इलेक्टिव लीक बताया जा रहा पेपर पिछले साल कंपार्टमेंट वाला है।

पेपर लीक का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। 12वीं का इकोनॉमिक्स का पेपर देशभर में और 10वीं का गणित का पेपर कुछ जगहों पर दोबारा करवाने को चुनौती देते हुए तीन याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें सीबीएसई के फैसले को मनमाना और असंवैधानिक बताते हुए इस पर रोक की मांग की गई है। साथ ही पहले ली परीक्षा के आधार पर रिजल्ट तैयार करवाने और जांच सीबीआई को सौंपने की भी मांग की गई है। वहीं, एक याचिकाकर्ता ने 12वीं के हर छात्र को एक-एक लाख रुपए मुआवजा दिलवाने की भी मांग की है। याचिकाओं पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है। शकरपुर निवासी याचिकाकर्ता रीपक कंसल ने कहा है कि 10वीं के 16 लाख 38 हजार 428 और 12वीं के 11 लाख 86 हजार 306 बच्चे इस बार परीक्षा दे रहे हैं। बोर्ड का मनमाना फैसला इनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। कुछ बदमाशों की करतूत की सजा देशभर के बच्चों को दी जा रही है।

छात्रों तक पेपर पहुंचने के 7 स्टेप, 4 कमजोर कड़ी


लगातार तीसरे दिन छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी...

शनिवार को लगातार तीसरे दिन छात्रों ने सीबीएसई मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। 25-30 छात्रों ने सड़क जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटा दिया।