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प्रो. बडूंगर के समय भर्ती 523 एसजीपीसी मुलाजिमों को कहा-कल तों नई औंणा’

इस संबंध में एसजीपीसी मेंबर व विधायक बलविंदर सिंह बैंस ने कहा कि 523 मुलाजिमों को निकाले जाने के साथ ही यह स्पष्ट हो...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:05 AM IST
इस संबंध में एसजीपीसी मेंबर व विधायक बलविंदर सिंह बैंस ने कहा कि 523 मुलाजिमों को निकाले जाने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि पिछले एक साल के दौरान औसतन हर रोज 2 मुलाजिमों को भर्ती किया गया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एसजीपीसी के सत्ताधारी मेंबरों और अधिकारियों ने अपने चहेते भर्ती किए और भर्ती के दौरान कुछ लेन देन के भी संकेत हैं। इस लिए जो भी व्यक्ति रोजगार की तलाश में है उसे इस तरह गलत तरीके से भर्ती कर उसके जीवन से खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

सुगबुगाहट : मुलाजिमों को बाहर का रास्ता दिखाने का आदेश जारी

700 मुलाजिम किए गए थे भर्ती, जांच कमेटी ने 523 भर्तियों को माना था अवैध

भास्कर न्यूज | अमृतसर

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व प्रधान प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर के कार्यकाल में नियमों के खिलाफ जाकर भर्ती किए गए मुलाजिमों के लिए शनिवार का दिन तनाव वाला रहा। कमेटी के भीतर सुगबुगाहट है कि उनको बाहर का रास्ता दिखाने का आदेश जारी कर दिया गया है और कई को स्पष्ट कह दिया गया-””तुस्सीं कल तों नई औंणा’(आप कल से नहीं आएंगे)। उक्त आदेश के लिए सात मार्च को फतेहगढ़ साहिब में हुई अंतरिम कमेटी की बैठक में मंजूरी दी गई थी। बताते चलें कि प्रो. बडूंगर ने पांच नवंबर 2017 को अपनी टर्म खत्म होने से पहले एसजीपीसी में 700 लोगों की भर्ती की थी। इनमें से ज्यादातर सिफारिशी थे, जो एसजीपीसी की भर्ती प्रक्रिया की शर्तों पर खरे नहीं उतरते थे। इसको लेकर बंडूगर के दौर में विरोध भी हुआ था। इसके बाद जब गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने प्रधानगी पद संभाला तो शिकायत उन तक भी पहुंची और उन्होंने मामले की जांच को कमेटी बना दी थी। उसी कमेटी की रिपोर्ट सात मार्च को फतेहगढ़ साहिब की बैठक में पेश हुई थी और उसमें से 523 को निकालने के लिए मंजूरी दे दी गई थी। फिलहाल अब उसी मंजरी को अमल में लाने के लिए कमेटी की तरफ से आदेश जारी किए जाने की चर्चा है। हालांकि इस बाबत कोई भी अधिकारी बोलने को राजी नहीं है लेकिन दिन भर इस तरह की चर्चा चलती रही।

गलत भर्ती करने वालों पर कार्रवाई की मांग