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स्पेशल चाइल्ड को चुन्नी के साथ कुर्सी से बांधा, अनट्रेंड स्टाफ के हवाले थे बच्चे

अनट्रेंड स्टूडेंट्स को स्कूल के लगभग 150 स्पेशल चाइल्ड्स को संभालने का जिम्मा सौंप दिया।

Dainik Bhaskar

Nov 23, 2017, 05:48 AM IST
Chair with special pedestal

पटियाला. सूलर रोड पर मंदबुद्धि बच्चों (स्पेशल चाइल्ड्स) के लिए बने नवजीवनी स्कूल ऑफ स्पेशल एजुकेशन में लगभग 8 साल के छोटे बच्चे को चुन्नी के साथ कुर्सी के साथ बांधे रखा गया। असल में तनख्वाह बढ़ाने को लेकर स्कूल का सारा स्टाफ बुधवार को हड़ताल पर चला गया। प्रिंसिपल शशि बाला ने रेगुलर स्टाफ की गैर हाजिरी में स्कूल में छुट्टी करने की बजाय स्कूल के साथ ही चल रहे नवजीवनी कॉलेज में स्पेशल बच्चों को पढ़ाने की एजुकेशन ले रहे अनट्रेंड स्टूडेंट्स को स्कूल के लगभग 150 स्पेशल चाइल्ड्स को संभालने का जिम्मा सौंप दिया।

एक अनट्रेंड स्टाफ से जब क्लास में ये स्पेशल चाइल्ड्स कंट्रोल में नहीं आए तो उसने एक बच्चे को कुर्सी के साथ बांध दिया। बच्चे के हाथ और पैर बांध कर उसे कुर्सी के साथ जकड़ दिया गया। इसकी भनक जब हड़ताल कर रहे रेगुलर स्टाफ को लगी तो उन्होंने इसका विरोध किया। मीडिया को जब इसकी भनक लगी तो मौके पर पड़ताल की गई। प्रिंसिपल ने खुद मीडिया के सामने इस बंधक बच्चे को खुलवाया।

नवजीवनी स्कूल का स्टाफ पिछले लंबे समय से तनख्वाह बढ़ाने की मांग कर रहा है। प्रिंसिपल के मुताबिक उन्होंने स्टाफ की मांगों का ज्ञापन मैनेजमेंट को सौंप दिया था। तनख्वाह बढ़ाने पर फैसला मैनेजमेंट को ही लेना है। इस बीच मंगलवार को स्टाफ ने उन्हें बुधवार से हड़ताल का नोटिस दे दिया। उन्हें लगा कि बच्चे है, शायद ड्यूटी पर ही जाएं, इसलिए उन्होंने स्कूल में छुट्टी करके सभी स्पेशल चाइल्ड्स बुला लिए। रेगुलर टीचर्स के क्लास लेने के फैसले के चलते उन्होंने कॉलेज से ट्रेनिंग ले रहे अनट्रेंड स्टाफ को बुलाकर क्लासों में तैनात करवा दिया। एक स्टाफ ने बच्चे को चुन्नियों के साथ बांध दिया।

मैनेजमेंट के सदस्य एडवोकेट मोहित कपूर ने माना कि स्कूल में बच्चे को चुन्नियों के साथ बांधना गलत है। इस मामले में पड़ताल करवाएंगे, जो भी कसूरवार होगा उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। मोहित कपूर के मुताबिक स्कूल चैरिटेबल ट्रस्ट चला रहा है और कुछ लोग इस ट्रस्ट के खिलाफ साजिश रच रहे है। इस साजिश के तहत ही यह करवाया गया है। कपूर ने यह भी दावा किया कि स्पेशल चाइल्ड को कंट्रोल करने के लिए कई बार इस तरह बांधना भी एक टेक्निक है, ऐसा आम तौर पर मानसिक कमजोर बच्चों के साथ होता है।

बच्चों को कुर्सी से बांधने की कोई टेक्निक नहीं
19 सालों से स्पेशल चाइल्ड्स के साथ काम कर रही पटियाला स्कूल ऑफ डफ एंड ब्लाइंड सैफदीपुर की प्रिंसिपल रेणु सिंगला ने एडवोकेट मोहित कपूर के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कुर्सी के साथ बांधने को एक स्पेशल टेक्निक बताया था। रेणु सिंगला ने बताया कि स्पेशल चाइल्ड्स को कंट्रोल करने के लिए दुनिया में ऐसी कोई टेक्निक नहीं है जिसमें उन्हें कुर्सी के साथ बांध कर बंधक बनाकर कुछ सिखाया जाए। यह टेक्निक नहीं, बल्कि सजा है।

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