--Advertisement--

मां कर रही थी शादी की तैयारी, सामने से आया बेटे का तिरंगे में लिपटा शव

कश्मीर के कुलगाम जिले के नवबग गुंढ गांव में मंगलवार को गोली लगने से शहीद हो गया था।

Danik Bhaskar | Nov 17, 2017, 03:22 AM IST
शहीद के पिता हाथ में तिरंगा लिए हुए। शहीद के पिता हाथ में तिरंगा लिए हुए।

मानसा. शहीद मनजिंदर सिंह (22) की डेड बॉडी लेकर पहुंची सैनिकों की टुकड़ी को देखकर गांववासियों व शहीद की अंतिम यात्रा में पहुंचे लोगों की आंखें नम हो गईं। बता दें कि आतंकवादियों से लोहा लेते हुए कश्मीर के कुलगाम जिले के नवबग गुंढ गांव में मंगलवार को मनजिंदर सिंह गोली लगने से शहीद हो गए थे। फौज के जवानों ने दी सलामी...

- शहीद जवान मनजिंदर सिंह फौज में जून 2015 में 10 सिख रेजीमेंट में भर्ती हुए थे, 22 दिसंबर को उन्हें एक माह की छुट्टी पर गांव आना था।
- अपने शहीद बेटे को सलामी देते हुए पिता बेसुध होकर गिर गए।
- गांव में अंतिम संस्कार के मौके पर फौज के जवानों ने शहीद मनजिंदर सिंह को सलामी दी।
- शहीद जवान की मां ने कहा कि शगना तो पहलां ही पुत्रा वे मां दी उम्मीदां नू साथ ले गया (शादी से पहले ही मेरा बेटा मां की उम्मीद तोड़ गया)।


नेशनल खिलाड़ी थे मनजिंदर
- शहीद मनजिंदर कबड्डी व कुश्ती का नेशनल स्तर का खिलाड़ी रहे। नेशनल स्टाइल कबड्डी में उन्होंने 2013 में गोल्ड मेडल हासिल किया था।
- अंतिम यात्रा में पहुंचे डिप्टी कमिश्‍नर धर्मपाल गुप्ता, एसएसपी परमबीर सिंह परमार, विधायक नाजर सिंह मानशाहिया और लेफ्टिनेंट कर्नल सिख रेजीमेंट संदीप कोतवाल ने कहा कि देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले जवान देश के गौरव हैं।
- उन्होंने कहा कि इनके चलते ही हम लोग चैन की नींद सो रहे हैं। शहीद जवान के परिवार की जिला प्रशासन हर संभव मदद करेगा।

ये रहे मौजूद
- डिप्टी डायरेक्टर रक्षा सेवाएं भलाई विभाग पंजाब, दलजीत सिंह बराड़, नायब सूबेदार 10 सिंह रेजीमेंट लखविंदर जीत सिंह, एसडीएम लतीफ अहमद, जिला प्रधान कांग्रेस कमेटी बिक्रमजीत सिंह मोफर, चेयरमैन जिला परिषद सुखदेव सिंह चैनेवाला, सरपंच बनावाला बलराज सिंह ने श्रद्धांजलि दी।

आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...

शहीद के अंतिम दर्शन करते हुए लोग। शहीद के अंतिम दर्शन करते हुए लोग।
ऐसे लाया गया शव को शहीद के गांव। ऐसे लाया गया शव को शहीद के गांव।
मुखाग्नि देते वक्त पिता बेसुध होकर गिर पड़े। मुखाग्नि देते वक्त पिता बेसुध होकर गिर पड़े।
अंतिम यात्रा। अंतिम यात्रा।
तिरंगे में ले जाते हुए सेना के जवान। तिरंगे में ले जाते हुए सेना के जवान।
शहीद के पिता। शहीद के पिता।