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सिद्धू ने कैसे बनाया बीजेपी का 'April Fool', ये हैं वो 10 सबूत

1 अप्रैल, यानी मूर्ख बनाने वाला दिवस है।

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 12:10 AM IST
कांग्रेस में शामिल होने के बाद सिद्धू के सुर काफी बदल गए। कांग्रेस में शामिल होने के बाद सिद्धू के सुर काफी बदल गए।

अमृतसर. 1 अप्रैल, यानी मूर्ख बनाने वाला दिवस। आज आप किसी को अप्रैल फूल बना पाएंगे या नहीं, ये तो नहीं बता सकते। लेकिन इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू जरूर कामयाब हुए हैं। नहीं समझे। दरअसल, कुछ समय पहले तक बीजेपी में रहते हुए सिद्धू ने कांग्रेस को जितना कोसा था, अब उसके साथ जुड़ने के बाद उनके सुर ऐसे बदले-बदले से नजर आ रहे हैं, जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि सिद्धू तो भाजपा को 'अप्रैल फूल' बना गए। आइए जानते हैं कब-कब सिद्धू ने मारी पलटी...

2013
मोदी के जन्मदिन के मौके पर: 'जैसे कोई तिनका नर्मदा में बहता-बहता शिवलिंग के ऊपर टिक जाए, वैसे सिद्धू आज नरेंद्र भाई के जन्मदिन पर आकर महसूस कर रहा है।'
2018
कांग्रेस अधिवेशन में:
'सिद्दू कांग्रेस अधिवेशन में ठीक वैसा ही महसूस कर रहा है जैसे कोई तिनका नर्मदा में बहता-बहता शिवलिंग के ऊपर टिक जाए।'


2013
जब बीजेपी में थे -
'अकड़ना तो मुर्दों की पहचान होती है। ये कांग्रेस वालों की पहचान है जम के लूटेंगे और तुम विरोध करोगे तो डट के कूटेंगे।'
2018
कांग्रेस में आते ही - 'मैं मनमोहन सिंह के सामने शीश झुकाता हूं। झुकते वो लोग आपके सामने कभी नहीं हैं, जिनमें अकड़ होती है।

2013

तब थे मौनी बाबा: 'मोबाइल साइलेंट मोड पर करना हो तो उसे मनमोहन सिंह मोड पर कर दो। बोलो सही है की नहीं है।' 
2018
कांग्रेस में आते ही: 
'मनमोहन सिंह जी, जो आपके मौन ने कर दिया वो भाजपा का शोर शराबा नहीं कर पाया।'

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2013 
जब बीजेपी में थे: 'प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सरदार है ये मैं नहीं कह सकता।' 
2018
कांग्रेस में आते ही: 
'मनमोहन सिंह जी आप सरदार भी हैं और असरदार भी।'

2013 

जब बीजेपी में थे: 'मेरी एक ही तमन्ना है। एक ही लालसा है कि भारतीय जनता पार्टी वाले लाल किले पर तिरंगा फैराते दिखाई दे।'
2018
कांग्रेस में आते ही: 'पूर्वजों का आशीर्वाद है। जब तक मेरे बदन में लहू होगा तब तक मैं राहुल भैया से लाल किले पर झंडा फहराए बिना नहीं मानूंगा।'
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2013
जब बीजेपी में थे: 
कांग्रेस को लेकर कहा- 'है अंधेरा बहुत। उजाला होना चाहिए, सूरज निकलना चाहिए। जैसे भी हो मौसम बदलना चाहिए। जो लोग बदलते हैं नकाब उनका जनाजा निकलना चाहिए।' 
2018 
कांग्रेस में आते ही: 
बीजेपी को लेकर कहा- 'है अंधेरा बहुत। उजाला होना चाहिए, सूरज निकलना चाहिए। जैसे भी हो मौसम बदलना चाहिए। जो लोग बदलते हैं नकाब उनका जनाजा निकलना चाहिए।'

2013
जब बीजेपी में थे: 
'कांग्रेस, मुन्नी से ज्यादा बदनाम है। अब तो खुद मुन्नी भी इन पर शर्मिंदा है।'
2018
कांग्रेस में आते ही: 
'कांग्रेस कोई बर्फ की कली नहीं, जो पिघल जाएगी। 70 साल पुरानी पार्टी है, इसे हिलाना आसान नहीं।'

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2013 
जब बीजेपी में थे: 
'बुलबुला चाहे छोटा हो लेकिन पानी के ऊपर वह जीता है। नरेंद्र मोदी का जीवन भी इसी तरह है।'
2018 
कांग्रेस में आते ही:

'कांग्रेस के अधिवेशन का ये पल ठीक उस बुलबुले की तरह है जो पानी के ऊपर होता है। ये पल मेरे लिए भी ठीक उसी तरह है।'

2013
जब बीजेपी में थे: 
'जब भारत मां की शान उनका गौरव और सिर का पल्लू उछल रहा हो और ये कांग्रेस वाले 50 साल से ऐसा कर रहे हो। तो हमें प्रण करना होगा की आजादी की शाम नहीं होने देंगे। जब तक तन में एक लहू भी बाकी है, भारत मां का आंचल नीलाम नहीं होने देंगे।'
2018
कांग्रेस में आते ही: 
'हम कांग्रेसियों को प्रण करना होगा कि आजादी की शाम नहीं होने देंगे। जब तक तन में एक लहू भी बाकी है, भारत माता का आंचल नीलाम नहीं होने देंगे।'

2013
जब बीजेपी में थे: 
'नरेंद्र भाई का कद दोगुना-तिगुना हर दिन बढ़ रहा है। आज अनिल अंबानी, धीरूभाई अंबानी से भी उनका कद अमीर हो गया है।'
2018: 
कांग्रेस में आते ही: 
'कमाए होंगे अंबानियों ने पैसे। बने होंगे बड़े-बड़े सेठ। अगर किसी ने 20 साल में सबसे ज्यादा इज्जत कमाई है, तो वो है हमारी अध्यक्षा सोनिया गांधी।'