पंजाब / नशा बेचने के आरोप में गिरफ्तार युवक कोर्ट कांप्लेक्स की तीसरी मंजिल से कूदा, मौत



सुखदेव सिंह के जख्मी हालत में अस्पताल पहुंचने पर उसे बचाने का प्रयास करते डा.केपी व उनका स्टाफ। सुखदेव सिंह के जख्मी हालत में अस्पताल पहुंचने पर उसे बचाने का प्रयास करते डा.केपी व उनका स्टाफ।
a youth arrested for selling prohibited drugs jumped from third floor of Court
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सुखदेव सिंह के जख्मी हालत में अस्पताल पहुंचने पर उसे बचाने का प्रयास करते डा.केपी व उनका स्टाफ।सुखदेव सिंह के जख्मी हालत में अस्पताल पहुंचने पर उसे बचाने का प्रयास करते डा.केपी व उनका स्टाफ।
a youth arrested for selling prohibited drugs jumped from third floor of Court

  • परिवार का झूठे मामले में फंसाने का आरोप, भाई बोला-मामला रफा-दफा करने को लिए 1.30 लाख रुपए
  • पिता का सवाल-सुबह से ही सिविल अस्पताल में था भर्ती, बिना ठीक हुए कोर्ट में कैसे ले गई पुलिस

Dainik Bhaskar

Oct 09, 2019, 08:07 PM IST

गुरदासपुर. सीआईए स्टाफ ने तीन दिन पहले थाना कलानौर के गांव बड़ा भंगारी कलां से एक युवक को पूछताछ के लिए उठाया था। रिमांड खत्म होने पर बुधवार को जब दोबारा कोर्ट में पेश करने ले जा रहे थे तो युवक ने कोर्ट कांप्लेक्स के तीसरे माले से छलांग लगा दी। सिविल अस्पताल में भर्ती करवाए जाने पर डाॅक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक के मृत घोषित होने के बाद उसके साथ आए पुलिस कर्मचारी व अधिकारी एक दम से गायब हो गए, जबकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने ही उनके बेटे की हत्या की है। वह पहले से ही डिप्रेशन का शिकार था और बुधवार को भी स्टाफ द्वारा उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

 

मृतक की पहचान सुखदेव सिंह (27) पुत्र बलवंत सिंह निवासी बड़ा भंगारी कलां के रूप में हुई है। बलवंत सिंह ने बताया कि कुछ महीने पहले सुखदेव का रिश्ता हुआ था, जो बाद में टूट गया। इसी बात के चलते सुखदेव सिंह डिप्रेशन का शिकार हो गया। उसका गुरदासपुर के प्राइवेट अस्पताल में इलाज भी चल रहा था। गांव के पकड़े गए कुछ नशेड़ियों ने पुलिस से कहा था कि सुखदेव मेडिकल स्टोर की आड़ में नशा बेचता है। इसके चलत तीन दिन पहले सीआईए स्टाफ ने सुखदेव को दुकान से उठा लिया था, लेकिन दुकान से कोई नशीली दवा बरामद नहीं हुई। रिमांड में रहने के दौरान सुखदेव की हालत खराब हो गई, जिस कारण सीआईए स्टाफ द्वारा बुधवार की सुबह उसे सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया था।

 

आरोप लगाया कि हालत में सुधार हुए बिना ही स्टाफ उसे कोर्ट में पेश करने ले गया, जिसके चलते डिप्रेशन में ही उनके बेटे ने कोर्ट कॉम्प्लेक्स से छलांग लगा दी। उसने ऐसा पुलिस की नालायकी की वजह से किया है। अगर उसे कोर्ट में पेश करे के दौरान कर्मचारियों ने पकड़ रखा होता या उसे हथकड़ी लगा रखी होती तो जिंदा होता। मृतक सुखदेव सिंह के भाई सतनाम सिंह ने बताया कि उसका भाई बीमार रहता था, जिसके चलते सीआईए स्टाफ के अधिकारियों से उसे छोड़ने के लिए कहा था। इस पर स्टाफ के एक बड़े अधिकारी ने उनसे 1 लाख 30 हजार रुपए भी लिए थे, लेकिन पैसे देने का बावजूद उसके भाई का नाम पर्चे में दर्ज किया।

 

किसी ने नहीं लिया पैसा : एसएसपी
एसएसपी स्वर्णदीप सिंह ने कहा कि सुखदेव को कोर्ट में पेश करते समय कर्मचारियों ने पकड़ रखा था। सुखदेव ने उनसे छूट कर कोर्ट काप्लेक्स से छलांग लगई जिससे उसकी मौत हो गई। किसी भी अधिकारी द्वारा पैसे लेने जैसी कोई बात नहीं है। इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

 

 

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