अमृतसर / 5 साल पहले कैदी का अपहरण कर हत्या की थी; 11 पुलिस वालों समेत 13 को उम्रकैद



Amritsar court Decided life imprisonment to 13 including 11 Policemen in a murder case
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Amritsar court Decided life imprisonment to 13 including 11 Policemen in a murder case

  • 2 जून 2014 को अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में उपचाराधीन था कैदी
  • पुलिस वाले यहां से अपहरण कर बटाला में ट्रैक्टर वर्कशॉप पर ले गए, थर्ड डिग्री टॉचर में मौत हाे गई
  • आनंदपुर साहिब के पास नहर में शव फेंककर फरार हो गए थे दोषी

Dainik Bhaskar

Jul 09, 2019, 01:57 PM IST

अमृतसर. अमृतसर की अदालत ने सोमवार को 5 साल पहले उपचाराधीन कैदी के अपहरण और हत्या की वारदात को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में पंजाब पुलिस के 11 कर्मचारियों सहित 13 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एक अन्य दोषी को पीओ (भगोड़ा) घोषित किया गया है। इससे पहले शुक्रवार को अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश संदीप सिंह बाजवा की अदालत ने इंस्पेक्टर नौरंग सिंह सहित 14 लोगों को दोषी करार दिया था।

 

कोर्ट में चल ट्रायल के अनुसार हत्या के दोष में गुमटाला जेल में सजा काट रहे बिक्रम सिंह की 2 जून 2014 को तबीयत खराब हुई तो उसे गुरु नानक देव मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। उस वक्त बटाला में सीआईए इंचार्ज के तौर पर कार्यरत इंस्पेक्टर नौरंग सिंह 6 जून 2014 को पुलिस मुलाजिमों के साथ अस्पताल पहुंच गया। आरोप था कि न्यायिक हिरासत में बंद बिक्रम को अस्पताल से जबरदस्ती उठाने के बाद बटाला की ट्रैक्टर वर्कशॉप में थर्ड डिग्री टाॅर्चर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद बिक्रम का शव आनंदपुर साहिब के पास नहर में फेंक दिया।

 

सिविल लाइन थाने की पुलिस ने पूर्व इंस्पेक्टर नौरंग सिंह, गुलशन वीर सिंह, सविंदर सिंह (थानेदार), जगजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, लखविंदर सिंह (हेड कांस्टेबल), अमनदीप सिंह, मखतूल सिंह, अंग्रेज सिंह, रणधीर सिंह, लखविंदर सिंह (कांस्टेबल) और बटाला के गैंसपुर निवासी दीपराज सिंह और अमृतसर के चाटीविंड निवासी जगतार सिंह को धारा 302 के साथ-साथ अन्य कई धाराओं के अंतर्गत सजा सुनाई है। सभी पुलिसकर्मी बर्खास्त हैं। जगतार सिंह और दीपराज सिंह पुलिस के खबरी थे। सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

 

लगभग 5 साल की लंबी सुनवाई के बाद शुक्रवार को अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश संदीप सिंह बाजवा की अदालत ने इंस्पेक्टर नौरंग सिंह सहित 14 लोगों को दोषी करार दिया। सजा पर फैसला सोमवार को होना था। इसी के चलते कुल 14 दोषियों में से एक एएसआई बलजीत सिंह को अदालत ने गैरहाजिर रहने पर भगोड़ा घोषित कर दिया, जबकि बाकी 13 काे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

 

जिस वक्त सजा का फैसला आना था, दोषी करार पुलिस के ये 11 कर्मी काफी खौफ में थे। सभी न्यायधीश के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े थे कि कुछ रहम मिल सके। नौरंग सिंह के माथे पर बार-बार पसीना देखा जा रहा था। जैसे ही न्यायाधीश ने फैसला सुनाया तो इंस्पेक्टर नौरंग गुमसुम सा हो गया। न्यायाधीश के जाने के बाद पूछने पर दोषी इंस्पेक्टर ने बताया कि वह अपील के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।

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