आपकी प्रॉपर्टी के यूआईडी नंबर से ही भरे जाएंगे बिल और टैक्स

Amritsar News - नगर निगम ने शहर की सभी प्रॉपर्टी को यूनीक आईडी नंबर लगाने में तेजी लाने की हिदायतें जारी की हैं। मेयर कर्मजीत सिंह...

Nov 10, 2019, 07:27 AM IST
नगर निगम ने शहर की सभी प्रॉपर्टी को यूनीक आईडी नंबर लगाने में तेजी लाने की हिदायतें जारी की हैं। मेयर कर्मजीत सिंह रिंटू और कमिश्नर कोमल मित्तल खुद इसकी मानीटरिंग करने में जुटे हुए हैं। वर्ष 2014 में मैप माय इंडिया की तरफ से शहर की करीब 3.50 लाख प्रॉपर्टी की सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई थी। वहीं इसके बाद सीसीआईआईए कंपनी को यूआईडी नंबर लगाने का जिम्मा सौंपा गया था। कंपनी ने अभी तक करीब 1.10 लाख प्रॉपर्टी को यूआईडी नंबर लगा देने का दावा किया है, जिसकी नगर निगम क्रास चेकिंग भी करवाएगा। यूआईडी नंबर लगाने के बाद जीआईएस सेल बनाने की प्रपोजल है, जहां पर हर बिल्डिंग का डाटा अपडेट होता रहेगा। इसके बाद अगर कोई पानी का कनेक्शन, नक्शे या अन्य के लिए आवेदन करेगा तो उसकी प्रापर्टी के यूआईडी से उसकी प्रापर्टी की सारी डिटेल आ जाएगी। इससे निगम को पता चल जाएगा कि आवेदनकर्ता का निगम की तरफ कोई बकाया पैंडिंग है या नहीं।

एक क्लिक पर खुलेगा हर प्रॉपर्टी का रिकार्ड

भविष्य में वाटर -सप्लाई-सीवरेज बिल, लाइसेंस फीस और प्रापर्टी टैक्स की रिटर्नें इसी यूआईडी नंबर के माध्यम से भरी जा सकेंगी। वहीं करदाता भी प्रापर्टी के बारे में कोई भी जानकारी इसी यूआईडी नंबर के माध्यम से ले सकेगा। मेयर कर्मजीत रिंटू ने कहा कि शहर की सभी प्रॉपर्टी पर यूआईडी नंबर लगाने के काम में तेजी लाई जा रही है, जिसके लिए लगातार कंपनी को हिदायतें देने के साथ ही क्रास चेकिंग की जानी है। शहर में करीब साढ़े तीन लाख प्राॅपर्टी पर यूआईडी नंबर लगने है। निगम की ओर से कुछ नई प्रॉपर्टी की पहचान की गई है।

नंबर के लिए हर प्राॅपर्टी से लिए जाएंगे 30 रुपए

यूआईडी नंबर लगाने के लिए प्रति प्रापर्टी से 30 रुपए चार्ज किए जाने का प्रावधान रखा गया है। इसके बाद यूआईडी नंबर के आधार पर हर प्रापर्टी का रिकार्ड निगम के पास अपडेट रहेगा। इसके माध्यम से हर प्रापर्टी के बारे में एक क्लिक पर जानकारी मिलेगी, जिसमें प्रापर्टी टैक्स वाटर-सप्लाई सीवरेज बिल, लाइसेंस फीस व अन्य टैक्स भरे जाने बारे सारा रिकार्ड पता लग जाएगा। भविष्य में यूआईडी नंबर लगे बगैर किसी का टैक्स स्वीकार नहीं किए जाने पर विचार किया जा रहा है।

रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद

यूआईडी नंबर लगने के बाद निगम का रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल निगम के सभी विभाग बजट टारगेट से पीछे चल रहे हैं। नगर निगम के पास उम्मीद के मुताबिक प्रापर्टी टैक्स जमा नहीं हो रहा। जिन करदाताओं ने प्रापर्टी टैक्स की सेल्फ असेस्मेंट सिस्टम में रिटर्न भरी है, उन केसों की स्क्रूटिनी करने की हिदायतें भी दी गई हैं। पानी-सीवरेज के बिलों की रिकवरी भी सही ढंग से नहीं हो रही है। ऐसे में यूआईडी नंबर लगने के बाद सीएफसी सेंटर में हर प्रॉपर्टी का डाटा तैयार हो जाएगा।

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