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संत सिंह की दान दी जमीन को लेकर फोर एस स्कूल्स के डायरेक्टर और खालसा कॉलेज प्रबंधन में टकराव

Amritsar News - भाई संत सिंह की ओर से वर्ष 1893 में गुरु गोबिंद सिंह के नाम दान की गई 233 कनाल जमीन को लेकर संत सिंह सुक्खा सिंह शिक्षण...

Sep 14, 2019, 07:28 AM IST
Amritsar News - conflicts between director of four s schools and khalsa college management over land donated by sant singh
भाई संत सिंह की ओर से वर्ष 1893 में गुरु गोबिंद सिंह के नाम दान की गई 233 कनाल जमीन को लेकर संत सिंह सुक्खा सिंह शिक्षण संस्थान के डायरेक्टर जगदीश सिंह और खालसा काॅलेज कमेटी व गुरु सिंह सभा आमने-सामने हो गए हैं। यह हालात तब पैदा हो जब सिखों की दूसरी सबसे बड़ी शिक्षण संस्था खालसा काॅलेज और गुरु सिंह संभा की ओर से संत सिंह सुक्खा सिंह (फोर एस) शिक्षण संस्थान के प्रबंधन को लेकर बनाई गई कमेटी के सदस्य शुक्रवार को फोर एस स्कूल के गेट बाहर पहुंचे, मगर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। दान की जमीन पर इस संत सिंह सुक्खा सिंह स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान बने हैं, जिसे फोर एस संस्था चलाती हैं। इसी संस्था के के डायरेक्टर जगदीश सिंह का कहना था कि खालसा कॉलेज और गुरु सिंह संस्था को फोर एस संस्था में दखल नहीं दे सकते। यह कोर्ट के फैसले के भी खिलाफ है।

दूसरी ओर से खालसा कॉलेज संस्था के सेक्रेटरी राजिंदर मोहन सिंह छीना का कहना है कि संत सिंह सुक्खा सिंह संस्था दान की जमीन को हथिया रही है। उसे बेचा जा रहा है, हालात यह हैं कि 233 कनाल में 123 कनाल जमीन बेच दी गई है। संत सिंह ने तमलीकनामे (दान की जमीन के संबंध लिखा गया दस्तावेज) में खालसा कॉलेज अमृतसर और गुरु सिंह सभा को इस जमीन को संभालने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

स्कूल के गेट पर 11 बजे लटका मिला ताला

खालसा कॉलेज और गुरु सिंह सभा की ओर से बनाई कमेटी के सदस्य रजिंदर मोहन सिंह छीना, सीकेडी के प्रधान निर्मल सिंह, सविंदर सिंह कत्थूनंगल आिद करीब 11 बजे फोर एस स्कूल के गेट के बाहर पहुंचे, मगर यह बंद था। स्कूल प्रबंधन ने यहां पुलिस बुलाई हुई थी। इसकी अगुवाई एसीपी नार्थ सरबजीत सिंह बाजवा कर रहे थे, जबकि इंस्पेक्टर जसपाल सिंह गेट के बाहर ही मौजूद थे। जैसे ही ये लोग वहां पहुंचे इंस्पेक्टर ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसलिए सदस्यों ने गेट के बाहर मीटिंग करनी शुरू कर दी, जो लगभग 15 मिनट तक चली। इसके बाद उक्त नेताओं ने प्रेस कान्फ्रेंस की।

संत सिंह ने तमलीकनामे में खालसा कॉलेज और गुरु सिंह सभा को संभाल सौंपी थी : राजिंदर मोहन

प्रेस कान्फ्रेंस में रजिंदर मोहन सिंह छीना, अजमेर सिंह हेर, सविंदर सिंह कथूनंगल, अवतार सिंह, जसपाल सिंह सेवा मुक्त पीसीएस, सुरेंद्र सिंह रुमालिया वाले, भगवंत पाल सिंह सच्चर और तरनदीप सिंह ने कहा कि 13 मई 1893 को भाई संत सिंह ने अपनी संपत्ति को गुरु गोबिंद सिंह जी के नाम को समर्पित की थी। उन्होंने इसके तमलीकनामे लिखा कि क्योंकि इस समय दसवें पातशाह इस धरती पर शारीरिक रूप में हाजिर नहीं हैं और वह खालसा रूप में प्रत्यक्ष हैं। यह भी जिक्र था कि यदि दोनों संस्थाएं अस्तित्व में नहीं रहती हैं तो उस समय के डिप्टी कमिश्नर को समूह संपत्ति हरमंदिर साहिब को समर्पित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस कारण उन्होंने खालसा कॉलेज अमृतसर और गुरु सिंह सभा को जमीन को संभालने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसलिए संत सिंह सुखा सिंह शिक्षण संस्थाओं की मैनेजमेंट के लिए अभी 12 सदस्य प्रबंधक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ने सविंदर सिंह कत्थूनंगल की अध्यक्षता में हुई बैठक में संकल्प लिया कि वह भाई संत सिंह के तमलीकनामे के अनुसार इस संपत्ति की रक्षा करने के लिए हर एक प्रयास करेंगे। छीना, ठेकेदार और कत्थूनंगल ने कहा कि संत सिंह सुखा सिंह स्कूल-कॉलेजों का प्रबंध चलाने लिए जगदीश सिंह को अधिकार दिए गए थे, लेकिन उन्होंने मिलीभगत करके जमीन बेच दी दिया। 233 कनाल जमीन में से मौजूदा समय में 110 कनाल जमीन ही बची है।



जुलाई 1917 में खत्म हो गए खालसा काॅलेज काउंसिल के अधिकार: जगदीश सिंह

संत सिंह सुखा सिंह संस्था के डायरेक्टर जगदीश सिंह ने कहा कि खालसा काॅलेज कमेटी को स्कूल प्रबंधों में दखल देने का अधिकार नहीं है। शुक्रवार को जिस तरह यह लोग स्कूल परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे, यह अदालत की ताैहीन है। इसी के साथ ही उन्होंने खालसा कालेज काउंसिल को कहा कि कोई भी ऐसा काम न किया जाए जाे कानून के खिलाफ हाे। वहीं संत सिंह सुखा सिंह स्कूल प्रबंधन कमेटी की अाेर से राजिंदर मोहन सिंह छीना के आरोपों के संबंध में भेजे गए लिखित जवाब में कहा गया कि एक अदालती फैसले के मुताबिक खालसा कालेज काउंसिल के अधिकार 17 जुलाई 1917 को खत्म हो गए। वर्ष 1994 को खालसा कॉलेज काउंसिल ने दोबारा संत सिंह सुक्खा सिंह स्कूल कमेटी प्रबंधों में दखल देने की कोशिश की गई थी। इसके चलते अदालत ने संत सिंह सुखा सिंह कमेटी के पक्ष मे स्टे दिया था। कमेटी की तरफ से भेजे गए जवाब के नीचे गुरप्रीत सिंह का नाम लिखा हुअा है। उन्होंने अाराेप लगाया कि खालसा कालेज प्रबंधकों व सिंह सभा के मेंबरों की ओर से शुक्रवार को स्कूल प्रबंधों में दखल देने की कोशिश की गई है। इसेे प्रशासन की मदद से विफल कर दिया गया है।

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