करतारपुर कॉरिडोर / निर्माण सामग्री के वाहनों की सुविधा के लिए फेंसिंग काट 40 फीट का गेट बनाया



Construction work of Kartarpur corridor
Construction work of Kartarpur corridor
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Construction work of Kartarpur corridor
Construction work of Kartarpur corridor
Construction work of Kartarpur corridor

  • भारत ने भी निर्माण तेज किया, मशीनें दिन-रात काम में जुटीं
  • फायदा- सफर 2 किमी. से घटकर 15 मीटर रह गया

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 07:17 AM IST

डेरा बाबा नानक. करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण में भारत की तरफ से भी तेजी लाई जा रही है। मंगलवार देर शाम भारत-पाक सीमा पर बने बीएसएफ के 50 फीट ऊंचे टॉवर को ओवरब्रिज बनाने के लिए उखाड़ दिया गया है। इस टॉवर पर चढ़कर बीएसएफ के जवान पाकिस्तान की हर गतिविधि पर नजर रखते थे। ओवरब्रिज के लिए एक तरफ दीवारें खड़ी की जा रही हैं। इन दीवारों का लैवल काफी ऊंचा रखा गया है।  

 

सिंगल कंस्ट्रक्शन कंपनी के वाइस प्रेजिडेंट जितेन्द्र सिंह ने बताया कि निर्माण सामग्री से भरे ट्रकों के आने-जाने में आसानी के लिए फैंसिंग को काटकर 40 फुट चौड़ा गेट लगा दिया गया है। पहले मिट्‌टी, सरिया आदि सामान लाने वाले ट्रकों, टिप्पर और जेसीबी को करीब 2 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती थी। क्योंकि बीच में फैंसिंग आती थी लेकिन अब फैंसिंग को काटकर गेट बनाने से वाहनों को करीब 15 मीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। जिस कारण समय काफी बचत होगी। इसके अलावा बड़ी-बड़ी मशीनें दिन रात काम जुटी हैं।  
 

 

खेतों में पानी के लिए रोड के नीचे पाइपें डालीं :
कॉरिडोर के लिए बनने वाली रोड के नीचे से बड़ी पाइपें बिछाई जा रही हैं। पाइपें रोड के दोनों तरफ खेतों में पानी सप्लाई करेंगी। कॉरिडोर को जाने वाली रोड के लिए बीच में आ रहे पेड़ों की कटाई भी जारी है।
 

ओवरब्रिज बनाने को उखाड़ा निगरानी टावर :

बीएसएफ के डीआईजी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि टावर को उखाड़ दिया है। दूसरे टावर पर जवान पाक पर नजर रखेंगे। उच्चाधिकारियों की मंजूरी से फैंसिंग पर गेट लगाया गया है।

 

दर्शन स्थल गिराने के बाद संगत 2 हजार से घटकर 100 हुई :
पिछले दिनों ओवरब्रिज बनाने के लिए दर्शन स्थल और पेड़ों को गिराया गया था। दर्शन स्थल पर जहां रोजाना करीब 2 हजार श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने के लिए आते थे, अब दर्शन स्थल हटाने के बाद श्रद्धालुओं की गिनती केवल प्रतिदिन 100 के करीब रह गई है। लेकिन कुछ दिनों के बाद यह संगत भी नहीं आएगी, क्योंकि इस ओर जाना वाला रास्ता थोड़े दिनों में पूरी तरह से कंस्ट्रक्शन कंपनी उखाड़ देगी। वहीं, यह भी देखना रहेगा कि अगले महीने आने वाली अमावस पर संगत यहां आकर अरदास कैसे करेगी। 

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