पठानकोट / धर्मेंद्र बोले- केंद्र तों सारे कम्म करावांगा, स्टेट वास्ते कैप्टन साहब नाल 2-2 पटियाला पैग लावांगा, कम्म आप्पे हो जाणगे

Dainik Bhaskar

May 18, 2019, 06:59 AM IST



Dharmendra election campaign in Gurdaspur
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Dharmendra election campaign in Gurdaspur

पठानकोट. गुरदासपुर हलके में शुक्रवार काे अपने बेटे सन्नी देअाेल का प्रचार करते-करते अपने जमाने के लेजेंड धर्मेंद्र भावुक हाे गए। प्रचार के अंतिम दिन सरना में उन्हाेंने कहा कि दिस इज माई मदरलैंड एंड आईएम सन ऑफ दिस स्वाइल।

 

इसके बाद पंजाबी में बाेले-तुसीं मैंनू जोड़ लो असीं केंद्र तों सारे कम्म करावांगा, स्टेट वास्ते कैप्टन साहब नाल दो पटियाला पैग लावांगा कम्म आप्पे हो जाऊगा। सरना में कुर्सियां खाली देख वे दुखी भी हुए, बोले-कोई गल नहीं, खुश रहो सरना वाल्यो। बीबियां अते बहना नूं प्यार न्याना नूं मत्था चूमके प्यार। आज चुनाव प्रचार का लास्ट डे है। मेरा बेटा सन्नी बहुत सीधा-सादा है। तुसीं उनूं रज के प्यार दित्ता। धर्मेंद्र ने कहा कि मैं साहनेवाल से उठकर फिल्मी दुनिया में गया लेकिन पंजाब के गांवों की मिट्टी हमेशा मुझसे लिपटी रही। मैं पंजाब की धरती का पुत्र (सन आॅफ स्वाइल) हूं। 

 

प्रचार को नहीं पहुंचीं ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी : 
सन्नी देओल के प्रचार में उनके पिता धर्मेंद्र की पत्नी ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी गुरदासपुर प्रचार को नहीं पहुंचीं जबकि बठिंडा में हरसिमरत बादल का प्रचार करने वे आई थीं। भाजपा कह रही थी कि धर्मेंद्र के अलावा हेमा भी यहां आएंगी।

 

लोगों से तीन बार नारा लगवाया- तुसीं अपने सन्नी नूं जिताओंगे :
धर्मेंद्र ने कहा-2004 में मैं सियासत का स्वाद लेने बीकानेर गया। एक्टर होने के नाते और सभी से प्यार के जोर से चुनाव भी जीता। अब कोई कहता है छोड़ के भाग गया, कोई कहता है धर्मेंद्र ये है कोई कहता है वो है लेकिन कोई वहां जाकर देखे जो कांग्रेस ने 50 सालों में नहीं किया था हमने 5 सालों में कर दिखाया। धर्मेंद्र ने युवतियों को ओ सोणयो, बीबियां अते बहना कह कर संबोधित किया और लोगों से पूछा, तुसीं अपने सन्नी नूं जिताओंगे। तीन बार नारा भी लगवाया।

 

आवाजे खल्क नक्कार ए खुदा होता है, खिदमते खल्क भी इबादते खुदा होता है :
धर्मेंद्र ने पंजाबी शेर सुनाए। 85 की दहलीज पर पहुंचे सिने स्टार की भरभराती आवाज के कारण कुछ लोगों ने कहा, आवाज नहीं सुनाई पड़ रही। इस पर शेर सुनाया-आवाजे खल्क नक्कार ए खुदा होता है, खिदमते खल्क भी इबादते खुदा होता है। दोस्तो खिदमत करने आया हूं। आपके सारे काम कराऊंगा। मेरा गांव मेरा देश सुंदर बनाना है। 
 

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