परिवार की गरीबी दूर करने मलेशिया गया था पंजाब का एक युवक, उसने सोचा था वहां जाकर वो माता-पिता को अच्छा घर बनाकर देगा, लेकिन उसने 6 माह नर्क जैसी जिंदगी वहां विताई / परिवार की गरीबी दूर करने मलेशिया गया था पंजाब का एक युवक, उसने सोचा था वहां जाकर वो माता-पिता को अच्छा घर बनाकर देगा, लेकिन उसने 6 माह नर्क जैसी जिंदगी वहां विताई

अमृतसर न्यूज: लौटकर युवक ने बताया मलेशिया सच, बोला- अब वह कभी विदेश का रुख नहीं करना चाहता

Bhaskar News

Jan 13, 2019, 10:22 AM IST
Exploitation of youth by fake agent

अमृतसर। परिवार की आर्थिक मदद करने का सपना लेकर पिछले साल 1 अप्रैल को वडाला गांव के मनदीप सिंह ने मलेशिया के लिए उड़ान भरी। सपना देखा था कि वहां जाकर दिन रात मेहनत करेगा और अपने माता-पिता को अच्छा घर बनाकर देगा, लेकिन 10 महीनों में उसकी जिंदगी ऐसी बदली कि अब वह कभी विदेश का रुख नहीं करना चाहता।


मनदीप ने बताया कि वह भी एक फेक एजेंट के हाथों में फंस गया था। फैजल नाम के एजेंट को उसने 1 लाख रुपए दिए। फैजल ने उसे पनाग शहर में पैन फैब्रिक में नौकरी दिला दी। बात 1500 मलेशियन रिंगिट की हुई और फैजल ने उसका पासपोर्ट भी अपने पास रख लिया। उसने कंपनी में काम करना शुरू कर दिया। पहले महीने 900 रिंगिट दिए गए। कारण पूछा तो एजेंट ने बात टाल दी। अगले माह 800 तो उसके बाद कभी 600 तो कभी 700 रिंगेट मिलते। 4 माह के बाद पैसे देने भी बंद कर दिए। एक-दो माह उन्होंने बिना पैसों के काम किया। इसके बाद मनदीप ने एजेंट फैजल से पासपोर्ट वापस मांगा। इस पर फैजल ने तंग करना शुरू कर दिया, लेकिन पासपोर्ट वापस नहीं किया। अंत में उसने पूरी घटना की जानकारी परिवार को दी। मनदीप के पिता निर्मल सिंह ने हेल्पिंग होपलेस की चेयरपर्सन बीबी अमनजीत कौर रामूवालिया को इसकी जानकारी दी। उन्होंने फोन कर भारतीय दूतावास में बात की। इसके बाद भारतीय दूतावास ने मनदीप से संपर्क साधा। छानबीन के बाद भारतीय दूतावास के अफसरों ने मनदीप के लिए वाइट पासपोर्ट तैयार करवाया और उसे भारत वापस भेजा।


फेक एजेंटों के चक्कर में फंसे युवाओं का हो रहा शोषण
मनदीप ने बताया कि मलेशिया में एजेंट्स के चक्कर में फंसने वाला वह अकेला नहीं था। कई और युवा जो भारत के विभिन्न स्टेटों से आए थे, वहां फंसे हुए हैं, लेकिन एजेंट्स ने अपने मुखबिर उनके बीच छोड़े हैं, जो भी उनके बारे में गलत बोलता, वे एजेंट को उसकी जानकारी दे देते।

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Exploitation of youth by fake agent
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