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शहीद मदन लाल ढींगरा को 109 साल बाद मिलेगा अपना घर, सरकार ने पुश्तैनी घर को स्मारक के रूप में दी मंजूरी

प्रो. चावला और शहीद स्मारक समिति ने सरकार से की थी मांग

Bhaskar News | Last Modified - Aug 13, 2018, 06:30 AM IST

शहीद मदन लाल ढींगरा को 109 साल बाद मिलेगा अपना घर, सरकार ने पुश्तैनी घर को स्मारक के रूप में दी मंजूरी

अमृतसर.किसी बर्तानवी को उसके घर में घुस कर मारने वाले पहले भारतीय तथा पंजाब के पहले शहीद मदन लाल ढींगरा को उनका अपना पुश्तैनी घर 109 साल बाद मिलने जा रहा है। यह पहला मौका है जब दशकों पहले जमींदोज कर दिए गए किसी स्वाधीनता सेनानी का घर को लंबे संघर्ष के बाद सरकार ने स्मारक के रूप में तैयार करने की योजना बनाई है। स्मारक बन जाने के बाद शासन-प्रशासन ने इसके रखरखाव का प्रस्ताव शहीद मदन लाल ढींगरा स्मारक समिति पर रखा है। प्रो. चावला का कहना है कि समिति यह जिम्मेदारी लेगी लेकिन उसके पास आर्थिक स्रोत नहीं है इसलिए सरकार को भी इसमें सहयोग करना होगा।

1909 में वायली को गोली मारी थी, 1976 में अस्थियां लाई गईं:कटड़ा शेर सिंह इलाके में किसी जमाने में ढींगरा अपार्टमेंट हुआ करता था। इसी में सर्जन पिता दित्ता मल के घर मदन लाल ढींगरा का जन्म 8 फरवरी 1887 को हुआ था। ढींगरा इसी अपार्टमेंट से उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए 1906 में इंग्लैंड गए थे और पहली जुलाई 1909 को कर्जन वायली को गोली मार कर 17 अगस्त 1909 को फांसी के फंदे पर झूल गए थे। कर्जन वायली की हत्या के बाद ढींगरा से पिता ने नाता तोड़ लिया। असर यह हुआ कि अर्से तक उनकी अस्थियां बेगाने मुल्क में पड़ी रहीं। स्थानीय लोगों के आवाज बुलंद करने पर केंद्र सरकार की पहल से 1976 में उनकी अस्थियां वतन लाई गईं और 20 दिसंबर को माल मंडी में उनका संस्कार किया गया और बाद में वहीं पर उनका बुत लगाया गया।

अब नगर निगम शहीद के घर की 430 गज जमीन एक्वायर कर स्मारक बनाएगा:मामले को लेकर प्रो. चावला ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी बात की थी और वहां से सकारात्मक आश्वासन मिला था लेकिन बाद में सरकार भूल गई। इसी साल चावला की टीम ने फिर विरोध जताया। खैर, अब नगर निगम ने सरकार के आदेश पर ढींगरा अपार्टमेंट वाली जगह पर 430 गज जमीन अधिग्रहीत करने का आदेश दे दिया है। निगम कमिश्नर सोनाली गिरी ने बताया कि जमीन को अधिग्रहीत करने का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस दिया था:प्रो. चावला और उनकी टीम ने ढींगरा के पुश्तैनी मकान को स्मारक बनाने की जंग जारी रखी। इसी दौरान ढींगरा के मकान को लैंड माफिया को बेचने और उसके कुछ हिस्से को गिराने के मामले में हाई कोर्ट ने सूबा सरकार को नोटिस जारी करते हुए अमृतसर के डीसी से रिपोर्ट तलब की थी।

2012 में बिक गया घर, फिर ध्वस्त कर दिया गया:कटड़ा शेर सिंह इलाके में बना ढींगरा अपार्टमेंट परिवार की बेरुखी तथा सरकारों की अनदेखी से खस्ता हाल होता गया। 2012 में इसे बेच दिया गया। इस मामले को भाजपा नेत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला और शहीद मदन लाल ढींगरा समिति ने उठाया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका और मकान को ध्वस्त कर दिया गया। इसी दौरान समिति ने प्रो. चावला की अगुवाई में टाउन हाल में ढींगरा का बुत स्थापित करवाया।

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