अमृतसर / सरकार के पास वेतन देने को पैसे नहीं, चार विभाग दबाए बैठे 932 करोड़ रुपए

कार्टून। कार्टून।
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  • विभागों के 984 बैंक खातों में 931.97 करोड़ मिले
  • वित्त विभाग के मांगने के बाद 28 विभागों ने दी जानकारी, 4 विभागों ने खाते छिपाए रखे
  • 50 करोड़ ब्याज भी ले चुके, होगी जांच

Dainik Bhaskar

Dec 14, 2019, 02:24 AM IST

अमृतसर/चंडीगढ़. पंजाब सरकार आर्थिक तंगहाली के दौर से गुजर रही है और उसी सरकार के 4 विभागों के पास करोड़ों रुपए एकाउंट में पड़े थे। पंजाब सरकार को इसकी भनक तो थी लेकिन इन विभागों के पास इतना पैसा होगा इसका पता नहीं था। फिर भी वित्त विभाग द्वारा जानकारी मांगने के बावजूद ये विभाग आनाकानी कर रहे थे।

जब वित्त विभाग सख्त हुआ तो इन चारों विभागों के 984 बैंक अकाउंट्स में 931.97 करोड़ रुपए की रकम पड़ी होने का पता चला। ये विभाग 50 करोड़ रुपए के करीब ब्याज भी ले चुके हैं। अब वित्त विभाग की ओर से कृषि, पीडब्ल्यूडी, वाटर सप्लाई एंड सेनीटेशन और सिंचाई विभाग से जवाब तलब किया जाएगा कि अगर बीते वित्तीय वर्षों में इन विभागों को अलाट किए बजट का पैसा खर्च के बाद बच गया था तो इसे सरकारी खजाने में जमा क्यों नहीं कराया गया।

ये भी जांच की जाएगी कि इस पैसे के ब्याज को कहां और कैसे खर्च किया गया। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का कहना है कि बैंक खातों की डिटेल को इसलिए मांगा गया था क्योंकि इन विभागों के सारे हिसाब किताब के बारे में पता चल सके। 28 विभागों ने तो जानकारी दे दी थी सिर्फ इन चार विभागों ने ही नहीं दी थी। अगर कोई गडबड़ी पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
 

कृषि विभाग के खाते ज्यादा, लेकिन पैसा पीडब्ल्यूडी के पास

चारों विभागों द्वारा अपने खातों संबंधी दी जानकारी अनुसार सबसे जयादा 535 खाते एग्रीकल्चर विभाग के पास हैं, जिनमें 480 करोड़ रुपए जमा हैं। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के 364 बैंक खातों में ही 498.57 करोड़ रुपये जमा हैं। वाटर सप्लाई एवं सेनीटेशन विभाग के 48 बैंक खातों में 40.46, इरीगेशन विभाग के 37 बैंक खातों में 35.49 करोड़ जमा थे।


खंगालेेंगे खाते 

वित्त विभाग इन चारों विभागों के बैंक अकाउंट खंगाला जाएगा। ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन विभागों को कौन सी मद से कितनी आय हुई और कितना खर्च किया गया। यह भी चेक किया जाएगा कि इन विभागों द्वारा दी गई जानकारी सही है या नहीं।
 

विभागों ने ये दिए जवाब

कृषि- उनके पास केंद्र की स्पांसरशिप वाली ज्यादा योजनाएं हैं। जिसके अलग खाते हैं। खाते बंद नहीं होंगे, संख्या कम होगी। एक एग्रीकल्चर आफिसर के अंडर हर अफसर के अलग खाते होते हैं।
पीडब्ल्यूडी- हर महीने की 10 तारीख को खर्च पैसे का हिसाब एजी आफिस को देते हैं। पैसा कार्य व पेमेंटों के लिए था।
इरीगेशन- हर जिले में खाते है। निमार्ण,पैच वर्क ड्रेनेज सिस्टम मेनटेंनेंस के खातों मेंं पेमेंट को राशि है।
सेनीटेशन- जिलेवार खाते खोलेे गए है। राशि पर मिला बयाज बैंक में जमा होता है। 

एक्सपर्ट व्यू- अफसरों की जवाबदेही तय हो

सभी विभागों द्वारा हर माह अपने खातों की ऑडिट रिपोर्ट एजी को भेजता है। जहां तक 4 विभागों की बात है तो उनके पैसे का इस्तेमाल गलत तरीके से नहीं हो सकता। किन अधिकारियों की लापरवाही से खातों की जानकारी नहीं दी गई, जांच होनी चाहिए। हर महीने सरकार को विभागों के खातों की जानकारी देने के लिए जवाबदेही तय करनी चाहिए। -पीएल गर्ग, फाइनेंस एक्सपर्ट

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