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रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दे पठानकोट के 5 युवकों से ठगे 22.70 लाख, तीनों आरोपी एयरफोर्स में तैनात

दिल्ली बुला रिटन टेस्ट लिया, जाली नियुक्ति पत्र घर भेजा हावड़ा-जलपाई गुड़ी स्टेशन पर महीना नौकरी भी कराई

Danik Bhaskar | Sep 05, 2018, 04:04 AM IST

पठानकोट. रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर पठानकोट के 5 युवकों से 22.70 लाख रुपए ठग लिए। यही नहीं दिल्ली में रिटन टेस्ट लिया गया और नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए। बकायदा हावड़ा स्टेशन पर एक महीना ट्रेनिंग भी दी गई। इस दौरान होटलों में ठहराया गया। बाद में पकड़े जाने के डर से युवकों को वापिस भेज दिया।

मामला वैसे 2010 का है। सदर पुलिस ने पठानकोट के गांव नारंगपुर निवासी रविंद्र सिंह की शिकायत पर नंगलभूर निवासी सन्नी मन्हास, दो एजेंटों यूपी के बलिया के अंगद मिश्रा और जोधपुर के सुरिंद्र बिश्नोई पर केस दर्ज किया है। तीनों एयरफोर्स में तैनात हैं। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक सुरिंद्र असम के तेजपुर, अंगद तुगलकाबाद दिल्ली और सन्नी भुज (गुजरात) में तैनात है। पांचों पीड़ित तब से इंसाफ के लिए भटक रहे हैं।
टीटीई की पोस्ट के बदले लिए 6 लाख
नारंगपुर के रविंद्र सिंह ने बताया कि उसका फुफेरा भाई सन्नी मन्हास एयरफोर्स में तैनात है। उसने उसकी मुलाकात एयरफोर्स में तैनात अंगद मिश्रा और सुरिंद्र बिश्नोई से कराई थी। 14 जुलाई 2010 को रेलवे में एमआर कोटे में ग्रुप सी की नौकरी का झांसा दिया। सौदा 6 लाख में किया। 1 लाख कैश लेकर उसे कॉल लेटर भेज दिल्ली में पेपर दिलाने बुलाया गया। लाल किला के पास 1 लाख लिए और फिर एक शीट पर साइन करवाकर लौटा दिया। 10 फरवरी 2011 में रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड कोलकाता के चीफ पर्सोनल अफसर का ज्वाइनिंग लेटर भेज 25 मार्च 2011 को रिपोर्ट करने को कहा। रविंद्र की नियुक्ति टीसी/टीटी की पोस्ट पर की गई थी। ज्वाइनिंग लेटर में दिए गए पते पर संपर्क करने पर अंगद मिश्रा और बिश्नोई उसे हावड़ा स्टेशन ले गए। हावड़ा और जल पाई गुड़ी स्टेशन पर ट्रेनिंग के बहाने उससे ड्यूटी कराई गई। बाद में होटल में ठहराया गया। इस दौरान मामला बिगड़ने पर उसे किसी और जगह शिफ्ट कराने के बहाने से लौटा दिया गया।
ग्रुप डी में भर्ती के लिए 4 लाख लिए
तलवाड़ा जट्टा के राजिंद्र सिंह को ग्रुप डी में भर्ती कराने को साढ़े 4 लाख लिए थे। ईस्टर्न रेलवे का एग्जामिनेशन लेटर भी जारी किया गया। दिल्ली में उससे एक शीट पर हस्ताक्षर कराए गए। राजिंद्र को एमआर कोट में पोर्टर के पद पर ईस्टर्न रेलवे के जीएम का नियुक्ति पत्र अगस्त 2012 का जारी किया गया। नियुक्ति लेटर लेकर कोलकाता पहुंचे तो होटल में ठहराया गया जहां पर पुलिस की रेड पड़ गई। बाद में उन्हें मामला शांत होने पर दोबारा वापिस बुलाने का वादा किया गया। ऐसे ही तीनों आरोपियों ने काहनूवान के गांव चक्क चमूब के प्रीतपाल सिंह को टीटी/टीसी के पद पर भर्ती कराने के बदले साढ़े 6 लाख और नारंगपुर के बचन सिंह को ग्रुप डी में भर्ती करने के बदले साढ़े 4 लाख लेकर नियुक्ति पत्र जारी कर दिए।