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जिला सेहत अफसर डॉ. लखबीर सिंह भागोवालिया ने बताया कि

Amritsar News - जिला सेहत अफसर डॉ. लखबीर सिंह भागोवालिया ने बताया कि उनकी टीम ने फूड टेस्टिंग वैन के जरिए शहर के विभिन्न इलाकों में...

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 02:05 AM IST
जिला सेहत अफसर डॉ. लखबीर सिंह भागोवालिया ने बताया कि
जिला सेहत अफसर डॉ. लखबीर सिंह भागोवालिया ने बताया कि उनकी टीम ने फूड टेस्टिंग वैन के जरिए शहर के विभिन्न इलाकों में पूरे अप्रैल महीने तक सैंपलिंग की। लिए गए 505 में से 177 सैंपल फेल पाए गए।

दूध के 65 फीसदी सैंपल फेल : दूध के 118 सैंपल लिए थे, जिसमें से 77 फेल पाए गए यानी कि इसके 65 फीसदी सैंपल फेल रहे। इसका मुख्य कारण इनमें पानी की मिलावट, कई में पानी की क्वालिटी सही नहीं रही। इसी तरह से कुछ में से क्रीम निकाली गई थी।

सेहत विभाग का खुलासा

महीने में दूध के 188 सैंपल में से 77, पानी के 219 में से 91 फेल

रेलवे और बस स्टैंड के आसपास के ढाबों के मिर्च-मसालों के 67 में से 9 सैंपल नहीं हुए पास

शिवराज द्रुपद | अमृतसर

आरओ से पीनेे का पानी, क्रीम निकाले जाने से दूध की क्वालिटी प्रभावित हो रही है तो मिर्च-मसालों को इसमें मिलाए जाने वाले सिंथैटिक रंग जहरीला बना रहे हैं। यह खुलासा जिला सेहत विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में एक महीने तक चली सैंपलिंग के बाद किया है। खास बात तो यह रही है कि मिर्च-मसालों के सैंपल ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाकों में फेल पाए गए हैं। विभाग अब इनको तैयार करने वाली फैक्टरियों पर नकेल कसने की तैयारी कर रहा है।

क्रीम निकालने से दूध, आरओ से पानी की क्वालिटी बिगड़ रही, सिंथैटिक रंग मिर्च-मसालों को बना रहे जहरीला

फूड टेस्टिंग वैन ने अप्रैल महीने में शहर के अलग-अलग इलाकों से लिए 505 सैंपल, 177 फेल

विभाग की टीम, जिसने एक महीने तक खाने-पीने की वस्तुओं की चेकिंग की।

पानी को आरओ और वाटर कूलर ने किया खराब

पानी के 219 सैंपल में से 91 फेल पाए गए अर्थात इसके 41 फीसदी सैंपल फेल रहे। यह वह पानी है जो आरओ या फिर वाटर कूलर से इस्तेमाल किया जाता है। फेल होने का मुख्य कारण इनमें टोटल डिजॉल्व साल्ट (टीडीएस) की मात्रा या तो 150 से कम रही या फिर 500 से ऊपर रही।

मिर्च-मसालों को लेकर सावधान : सेहत अफसर

डॉ. भागोवालिया ने बताया कि उनकी टीम ने भीड़भाड़ वाले इलाकों खास करके रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड के आसपास के ढाबों व खाने-पीने की दुकानों के 67 सैंपल लिए थे जिसमें से 9 फेल पाए गए यानी कि यह 13 फीसदी फेल रहे। उनके मुताबिक इसमें सिंथेटिक र ंग मिला हुआ था। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है और उनके सप्लायर्स का पता ले लिया गया है। अगली कड़ी में उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

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