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गीता जीवन में जीने की कला है: स्वामी ज्ञानानंद

श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति की ओर से शहर में करवाए जा रहे तीन दिवसीय गीता ज्ञान महोत्सव के दौरान परम पूज्य गीता...

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 02:05 AM IST
गीता जीवन में जीने की कला है: स्वामी ज्ञानानंद
श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति की ओर से शहर में करवाए जा रहे तीन दिवसीय गीता ज्ञान महोत्सव के दौरान परम पूज्य गीता स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने गीता ज्ञान की कथा से सभी भक्तों को भाव-विभोर किया। समिति के आल इंडिया के प्रधान डॉ. सुदर्शन अग्रवाल की अध्यक्षता में करवाए जा रही कथा में स्वामी जी ने कहा कि गीता समूची मानवता की आवश्यकता है। गीता जीवन में जीने की कला है, कर्म का सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि गीता में कहा गया है कि कर्म पर परंतु फल की इच्छा न कर। श्री मद-भगवद् गीता में भगवान श्री कृष्ण ने भाव बताया है। महाराज ने कहा कि हमारे ऋषियों ने भी ये ही कहा है कि मानव फल तो ईश्वर के हाथ में है और तुम उनके आगे नतमस्तक होकर प्रणाम कर। इससे तुम्हारे जीवन में आनंद आएगा। महाराज ने कहा कि गीता में भगवान कहते हैं कि हे मनुष्य, तुम अपने आप को मुझे सौंप कर जीवन के संघर्ष में लगे रहो। इस मौके पर पूनम उमट, राणा महाजन, एचएस बेदी, विनोद आनंद, मनीश अग्रवाल, कमल अग्रवाल, अशोक कपूर, अमरीश चौहान, नरिंदर वर्मा आदि मौजूद थे।।

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