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जीएनडीएच में गर्भवतियों से ली जा रही बहुत ज्यादा फीस

महंत रमेशानंद सरस्वती गायनी वार्ड में अपनी टीम के साथ जानकारी देते हुए। भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:05 AM IST
महंत रमेशानंद सरस्वती गायनी वार्ड में अपनी टीम के साथ जानकारी देते हुए।

भास्कर न्यूज | अमृतसर

गुरु नानक देव अस्पताल में मरीजों के साथ हो रही कथित लूट और आर्थिक शोषण का खुलासा सोमवार को आॅल इंडिया एंटी करप्शन मोर्चा के नुमाइंदों ने किया है। मोर्चे के चेयरमैन महंत रमेशानंद सरस्वती की अगुवाई में अस्पताल से संबंधित गाइनी विभाग में जब मोर्चे के लोग पहुंचे तो वहां पर गर्भवती महिलाओं से वसूली जा रही फीस देख कर हैरान रह गए। हालांकि केंद्र सरकार ने जननी सुरक्षा योजना के तहत सभी सरकारी अस्पतालों में डिलिवरी को फ्री रखा है।

महंत ने आरोप लगाया है कि यहां पर गर्भवती महिलाओं के टेस्ट प्राइवेट लेबोरेट्री से करवाए जाते हैं। इसी तरह से दवा खरीदने के लिए डॉक्टर अपनी पहचान वाले प्राइवेट मेडिकल स्टोरों पर मरीजों को भेजते हैं। उनका आरोप है कि गायनी वार्ड में आने वाली गर्भवती महिलाओं से बीस से पच्चीस हजार रुपए खर्च करवाए गए हैं। हालांकि अस्पताल में सभी टेस्ट करवाने की सुविधा है, लेकिन कमीशन के चक्कर में डॉक्टर मरीजों को बाहर भेजते हैं। महंत की टीम के पहुंचने के दौरान अपने बच्चे को इंजेक्शन लगवाने आई एक महिला ने आरोप लगाया कि वह काफी समय से आई हैं लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। महंत के दखल देने के बाद इंजेक्शन लगाया गया। महंत ने बताया कि यहां के बच्चा वार्ड में सैकड़ों बच्चे उपचाराधीन हैं, मगर यहां पर पानी की व्यवस्था नहीं है। वाटर कूलर खराब होने के कारण पानी बाहर से लाना पड़ता है। उनका यह भी आरोप है कि लेबर रूम में डिलीवरी के बाद परिजनों से बधाई भी ली जाती है। महंत व उनकी टीम इसके बाद डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. गौरव अग्निहोत्री से मिली और सारी स्थिति को बताया। उनका कहना है कि अगर दस दिन के भीतर स्थिति न सुधरी तो वह लोग यहां पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस बाबत डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि अस्पताल में लेबोरेट्री की सुविधा है, पर स्टाफ की कमी के कारण कुछ टेस्ट बाहर से करवाने पड़ते हैंं। बाकी के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया।