जागीरदारी की तरह जात-पात का खात्मा होना चाहिए: दलाईलामा

Amritsar News - 550वें प्रकाश पर्व के संबंध में पंजाब सरकार की ओर से गुरु नानकदेव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) के सहयोग से करवाए गए ‘एक...

Nov 10, 2019, 07:26 AM IST
550वें प्रकाश पर्व के संबंध में पंजाब सरकार की ओर से गुरु नानकदेव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) के सहयोग से करवाए गए ‘एक नूर-अंतर्धर्म सम्मेलन’ में वक्ताओं ने गुरु नानकदेव की ओर से शुरू किए गए अंतर्धर्म संवाद को याद करते हुए उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं के व्यवहारिक रूप में अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे दलाईलामा ने कहा कि जिस तरह समाज में से जगीरदारी का खात्मा हुआ है, उसी तरह जात-पात का खात्मा होना चाहिए, जिसका संदेश गुरु नानकदेव ने आज से करीब 500 साल पहले दिया था। उन्होंने कहा कि आदमी सामाजिक प्राणी है और भाईचारे के बिना रहना नामुमकिन है, इसलिए क्यो न भाईचारक सांझ मजबूत की जाए। उन्होंने अहिंसा, वातावरण की देखभाल, जात-पात त्यागने, धार्मिक सद्भावना बनाने का न्यौता देते हुए गुरु नानकदेव द्वारा दर्शाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि अगर गुरु नानकदेव न होते तो आज का इतिहास कुछ और होता। राम कृष्णा मिशन के प्रतिनिधि स्वामी शधिदानंद ने कहा कि आदमी को धन व पदार्थों की जरुरत तो है, लेकिन यह आत्मिक खुशी का साधन नहीं। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के अलग-अलग सिद्धांत है, लेकिन सभी की सोच एक है, इसलिए गुरु नानक द्वारा दिया एक नूर का संदेश अपनाना आज की बड़ी जरुरत है। मौलाना सय्यद अतहर हुसैन दोहलवी ने गुरु नानकदेव द्वारा चलाए लंगर को सामाजिक बराबरता की बुनियाद बताते हुए कहा कि कुदरत ने हम सभी के लिए एक जैसा अनाज व खाद पदार्थ पैदा किए है, लेकिन हमारे बर्तनों ने इन्हें बांट दिया है। ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती ने कहा कि धर्म रोशनी है और धर्म व्यक्ति को अच्छा किरदार देता है। बिशप सामंताराय ने गुरु नानक देव को बड़े समाज सुधार बताते हुए लोगों को धार्मिक कट्टरता से किनारा करने, प्यार व भाईचारे का संदेश फैलाना का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव सच्चाई, एकता, न्याय, भेदभाव मिटाने के लिए डटे थे और 550वें साल बाद भी उनकी शिक्षा उतनी ही व्यवाहारिक है।

ब्रह्म कुमार आश्रम की प्रतिनिधि सिस्टम बीके ऊषा, अहमदिया भाईचारे से तनवीर अहमद खादिम, अरबिंदे आश्रम की प्रतिनिधि डॉ. मोनिका गुप्ता ने भी अपने विचार पेश किए। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के उप कुलपति डॉ. जसपाल सिंह और रजिस्ट्रार प्रो. करणजीत सिंह काहलो ने सभी का स्वागत किया।

जीएनडीयू में समागम के दौरान दलाईलामा साथ है वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल, अनुराग वर्मा, उप कुलपति डॉ. जसपाल सिंह और अन्य। -भास्कर

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