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कारखाने में करंट से मौत तो करा दिया गुपचुप संस्कार, चिता से निकलवाई लाश



  • अमृतसर के हकीमां गेट स्थित आरआर डाइंग में काम करता था उत्तर प्रदेश का घनश्याम दास
Danik Bhaskar | Sep 10, 2018, 12:32 PM IST

अमृतसर। अमृतसर में एक व्यक्ति की लाश को जलती चिता से निकलवाने के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। घटना एक कारखाने की बताई जा रही है, जिसके बारे में जानकारी मिली है कि यहां काम करने वाले उत्तर प्रदेश के मूल निवासी इस शख्स की करंट लगने से मौत हो गई। बाद में उसका गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार करा दिया गया। एक संस्था को भनक लगी तो पुलिस को बुलाकर जलती चिता से डेड बॉडी को निकाला गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

 

 

संस्था ने लगाया गुपचुप अंतिम संस्कार का आरोप

जानकारी के अनुसार रविवार शाम करीब 7 बजे उत्तर प्रदेश कल्याण परिषद के सदस्यों को सूचना मिली कि शहीदां गुरुद्वारा के पास स्थित श्मशानघाट में एक व्यक्ति का गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, वहीं संस्था के सदस्य खुद भी मौके पर पहुंचे। संस्था के सदस्यों का आरोप है कि हकीमां गेट स्थित आरआर डाइंग में कार्यरत उत्तर प्रदेश निवासी घनश्याम दास की मौत शनिवार रात करंट लगने से हुई थी। कारखाने के मालिकों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताते हुए करीब 22 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। परिषद के प्रवक्ता रामभवन गोस्वामी ने बताया कि पूरा दिन लाश को छिपाकर रखा गया और शाम ढलने के बाद श्मशान घाट ले जाकर चुपके से संस्कार किया जा रहा था।

 

 

कराया जा रहा पोस्टमॉर्टम

इस बारे में पता चलते ही वो सभी मौके पर पहुंचे। साथ ही पुलिस को भी सूचित किया गया। हालांकि परिषद के सैकड़ों सदस्यों ने जलती चिता पर पानी डालकर आग को बुझाया और फिर अधजली लाश को निकाला। तब तक वहां गेट हकीमां पुलिस पुलिस भी पहुंच गई थी, जिसके बाद लाश को पुलिस के हवाले कर दिया गया। रामभवन गोस्वामी की मानें तो क्योंकि घनश्याम की मौत करंट लगने से हुई थी, इसलिए उसका पोस्टमार्टम होना जरूरी था। अब सोमवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। इसके बाद उसके अंतिम दोबारा से होगा।

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