पंजाब / रेलवे ट्रैक पर बैठने की ठानकर आए जोड़ा फाटक हादसे के पीड़ित परिवार, 22 तक शांत हो लौटे



अमृतसर में दशहरे पर हुए हादसे के पीड़ित परिवारों के लोग रोष प्रदर्शन करते हुए। अमृतसर में दशहरे पर हुए हादसे के पीड़ित परिवारों के लोग रोष प्रदर्शन करते हुए।
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अमृतसर में दशहरे पर हुए हादसे के पीड़ित परिवारों के लोग रोष प्रदर्शन करते हुए।अमृतसर में दशहरे पर हुए हादसे के पीड़ित परिवारों के लोग रोष प्रदर्शन करते हुए।

  • 19 अक्टूबर 2018 को डीएमयू के नीचे रौंदे जाने से गई थी 65 जानें, काफी लोग हुए थे घायल
  • डीसी शिवदुलार की तरफ से मांगों पर गौर करने के लिए लिखित आश्वासन दिया गया

Dainik Bhaskar

Oct 08, 2019, 08:26 PM IST

अमृतसर. अमृतसर में मंगलवार को एक तरफ दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया गया, वहीं पिछले साल दशहरा उत्सव के दौरान रेल हादसे के पीड़ित परिवारों ने अपने जख्मों का प्रदर्शन किया। इन लोगों ने सरकार की तरफ से वादे पूरे नहीं होने के मसले को लेकर आज रेलवे ट्रैक पर बैठने का फैसला किया था, लेकिन पहले से मुस्तैद पुलिस बल ने रास्ते में ही रोक लिया। इसके बाद ये लोग वहीं धरने पर बैठ गए। दिनभर की उठापटक की बातों के बीच आखिर डीसी शिवदुलार के लिखित आश्वासन के बाद धरना खत्म हो गया और प्रदर्शनकारी घरों को लौट गए।

 

दरअसल 19 अक्टूबर 2018 को अमृतसर-पठानकोट ट्रैक पर जोड़ा फाटक के पास स्थित धोबीघाट में आयाेजित दशहरा उत्सव देख रहे 65 लोगों की जान उस वक्त चली गई थी, जब रेलवे ट्रैक पर खड़े हजारों लोग पुतला दहन देख रहे थे और पठानकोट की तरफ से अमृतसर आ रही डीएमयू लोगों को रौंदते हुए निकल गई।

 

पीड़ित परिवारों की मानें तो 65 मौतों का यह आंकड़ा सही नहीं है। इसकी हकीकत कुछ और ही है। सरकार की तरफ से हर परिवार को 5-5 लाख रुपए व एक नौकरी की बात कही गई थी, वहीं पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने भी पीड़ित परिवारों को गोद लेने की बात कही थी। आज एक साल बाद रेलवे ट्रैक के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि उनकी किसी ने सुध नहीं ली। किसी को कोई मदद नहीं मिली है, लोगों को घर चलाने के लाले पड़े हुए हैं।

 

मंगलवार को सुबह ही पहले से निर्धारित योजना के मुताबिक रेलवे ट्रैक पर बैठने का फैसला कर चुके प्रदर्शनकारी जोड़ा फाटक की तरफ बढ़े, लेकिन पहले से मुस्तैद पुलिस बल ने रास्ते में ही रोक लिया। इसके बाद ये लोग वहीं धरने पर बैठ गए। दिनभर की उठापटक की बातों के बीच आखिर डीसी शिवदुलार के लिखित आश्वासन के बाद धरना खत्म हो गया और प्रदर्शनकारी घरों को लौट गए।

 

पहले एसडीएम मौके पर पहुंचे। यहां भी बात नहीं बनी तो फिर डीसी शिवदुलार की तरफ से उन्हें उनकी मांगों पर गौर करने के लिए लिखित आश्वासन दिया गया। आश्वासन के बाद धरना खत्म हो गया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी पीड़ित लोगों ने दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो 22 अक्टूबर से संघर्ष को और तेज करते हुए रेल ट्रैक पर धरना दिया जाएगा।

 

 

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