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3 सगी बहनों ने पहले खिड़की-दरवाजा बंद किया, इसके बाद एक-दूसरे पर डाला कैरोसिन और लगा ली आग...धुंआ देख लोग दौड़े लेकिन नहीं मिला अंदर जाने का रास्ता

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 11:41 AM IST

4 महीने पहले दिल्ली से आकर बहन के साथ उसके ससुराल में रह रही थीं दोनों कुंवारी बहनें

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अमृतसर 3 सगी बहनों ने बुधवार शाम खुद को घर में बंद कर आग लगा ली। तीनाें की मौके पर मौत हो गई। घटना के समय घर में इन तीनों के अलावा कोई नहीं था। इनमें से दो बहनें 4 महीने पहले ही दिल्ली से अपनी बहन इंदू के ससुराल आई थीं। घटना से पहले उन्होंने घर के दरवाजे और खिड़कियां अंदर से बंद कर कुंडी लगा ली। यही कारण रहा कि इलाकावासियों को जब आग की सूचना मिली तो उन्हें खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर अंदर घुसना पड़ा। इसके बाद दमकल कर्मियों के साथ इलाकावासियों ने आग बुझाई, लेकिन तब तक तीनों कंकाल बन चुकी थीं। घटनास्थल से केरोसीन की खाली बोतल और आग लगाने में इस्तेमाल हुई मशालनुमा राॅड भी बरामद हुई।


घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव, डीसीपी इन्वेस्टिगेशन जगमोहन सिंह समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे। डीसीपी इन्वेस्टिगेशन ने कहा कि पहली नजर में मामला सुसाइड का लग रहा है, क्योंकि लोग दरवाजा तोड़कर आग बुझाने अंदर घुसे थे। कमरे से केरोसीन की बोतल भी बरामद हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- वहां केरोसीन की सुगंध भी आ रही थी। बाकी जांच जारी है। ऐसा क्यों और किन कारणों से किया गया है, इसका पता लगाया जाएगा। डीसीपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना से पहले तीनों में किसी बात को लेकर कहा-सुनी हुई थी।


एक बहन की लाश बालकोनी में मिली


इंदू के पति जगजीत सिंह को इलाकावासियों ने फोन करके घटना की जानकारी दी। वह अपने बेटे जसप्रीत सिंह के साथ मौके पर पहुंचा। जगजीत का कहना था कि वह पिछले 8 साल से इलाके में रह रहे थे। किस बात को लेकर और कैसे सब कुछ हुआ है, उन्हें कुछ भनक भी नहीं है। उन्होंने कहा कि उसकी सास की कुछ महीने पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद उसकी साली वंदना और प्रीति उनके पास आई हुई थी। चार महीने से वह यहीं रह रही थीं।


कुछ दिन पहले जाने को कहा था, मगर वे बोलीं- हमारा दिल्ली में मन नहीं लगता


जगजीत ने बताया कि दोनों को उसने यहां से जाने के लिए भी कहा था, लेकिन वह उसे यही कह रही थी कि उसे अपनी मां की बहुत याद आती है। उनका नई दिल्ली में मन नहीं लगता। जगजीत सिंह के मुताबिक दोनों बहनें पढ़ी-लिखी थीं और वह घर में ही रहती थीं।

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