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पटियाला /चंडीगढ़. पंजाब सरकार के 16 मार्च को 3 साल पूरे हो रहे हैं। सरकार ने उस दिन कई नई घोषणाएं करने का फैसला लिया है। इनमें सरकार द्वारा सबसे पहले बेरोजगारों को रोजगार देने को लेकर उठाए जाने वाले नए कदमों का एलान किया जाएगा। वहीं, पिछले काफी समय से लंबित चल रही मांगों को पूरा किया जाएगा। इनमें मुख्य तौर पर शिक्षा विभाग से जुड़े, ईटीटी बीएड और टेट पास बेरोजगार टीचर्स की भर्ती की जाएगी। इनमें पहले चरण में 5000 टीचर्स को भर्ती की जाएगी। इस संबंध में वीरवार को सीएम के प्रमुख सचिव सुरेश कुमार की टीचर्स यूनियन के साथ बैठक हुई। हालांकि टीचर्स यूनियंस ने रिक्त चल रहे 27000 पदों को भरने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने पहले चरण में 5000 टीचर्स की भर्ती करने का फैसला किया है।
उधर, अध्यापकों यूनियनों की चंडीगढ़ में चीफ सेक्रेटरी सुरेश कुमार और सीएम के ओएसडी संदीप संधू के साथ मीटिंग्स के बड़े एलान के संकेत के बाद भी पटियाला में अपनी मांगों को लेकर पुलिस के डंडे खा रहे बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापक और बेरोजगार बीएड टेट पास अध्यापकों का धरना गुरुवार को भी जारी रहा। बीएड टेट पास अध्यापक यूनियन ने जहां 16 मार्च तक धरना जारी रखने का एलान किया है, वहीं ईटीटी टेट पास यूनियन इस पर शुक्रवार को फैसला करेगी।
माझा, मालवा व दोआबा में प्रोजेक्ट्स लगेंगे
16 मार्च को सरकार माझा, मालवा और दोआबा में नये प्रोजेक्ट्स की भी घोषणा कर सकती है। इनमें नई इंडस्ट्री के लिए फोकल पॉइंट्स के लिए रियायतों की घोषणा की जा सकती है। सीएम के प्रमुख सचिव का भी मानना है कि सरकार अलग-अलग वर्गों के लिए 16 मार्च को घोषणा कर सकती है। इनमें किसान, नौजवान, कर्मचारी और व्यापारी सभी वर्गों का ध्यान रखेगी ताकि सभी को लाभ मिल सके।
शिक्षा सचिव ने बुलाई मीटिंग...प्रदेश में कोरोनावायरस के खतरे को भांपते हुए स्कूल शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने अपने अधिकारियों की मीटिंग बुला ली है। मीटिंग में शिक्षा सचिव अधिकारियों ने विभिन्न जिलों की रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि किस जिले में संदिग्ध लोगों की क्या स्थिति है।
सरकार ने वादा किया है नहीं निभाया तो भुगतेगी
गुरुवार को अफसरों के लहजा देख अब अध्यापक भी मानने लगे हैं कि 16 मार्च को सरकार उनकी मांगों को लेकर बड़ा फैसला कर सकती है। बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापक यूनियन ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में सरकारी स्कूलों में पूरे तनख्वाह स्केल पर कम से कम 12 हजार भर्ती का इश्तिहार जारी करना, उम्र हद 37 से 42 साल करना, पुलिस द्वारा बेरोजगार अध्यापकों पर किए गए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच करना प्रमुख हैं। यूनियन ने कहा कि उम्मीद है सरकार मांगें मान लेगी नहीं तो बड़ा आंदोलन झेलने को तैयार रहे।
सूबे में पद 12 हजार खाली पड़े हैं, पाेस्ट निकालीं सिर्फ 1664
अध्यापकों का कहना है कि पंजाब सरकार ने कुछ दिन पहले 1664 पोस्टें निकाल कर बेरोजगार अध्यापकों के साथ मजाक किया। असल में पंजाब में 14 हजार 136 बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापक हैं। सूबे में 12 हजार अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में सिर्फ 1664 पोस्टें निकाल कर सरकार ऊंट के मुंह में जीरा देने जैसा बर्ताव कर रही हैं। निजीकरण की नीति को अध्यापक कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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