आस्था / बम से उड़ा दिया गया था 1000 साल पुराना शिवाला तेजा सिंह, 50 लाख खर्च फिर हिंदुओं को सौंप रहा पाक



पाकिस्तान के सियालकोट स्थित शिवाला तेजा सिंह मंदिर। पाकिस्तान के सियालकोट स्थित शिवाला तेजा सिंह मंदिर।
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पाकिस्तान के सियालकोट स्थित शिवाला तेजा सिंह मंदिर।पाकिस्तान के सियालकोट स्थित शिवाला तेजा सिंह मंदिर।

  • पाकिस्तान के सियालकोट में है 1 हजार साल पुराना शिवाला तेजा सिंह मंदिर, वास्तुशिल्प देख चोल राजाओं द्वारा बनवाया लगता है मंदिर
  • समय की मार के कारण खस्ता हाल हुआ, वहीं बंटवारे के बाद  इसे बंद कर दिया गया

Dainik Bhaskar

Oct 20, 2019, 12:59 PM IST

अमृतसर. श्री गुरु नानक देव जी के 550वें पावन प्रकाश पर्व के मौके पर पाकिस्तान जहां गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब का कायाकल्प करके रास्ता खोल रहा है, वहीं लगे हाथ हिंदुओं को भी सियालकोट के शिवाला तेजा सिंह मंदिर को भव्य रूप में तैयार कर तोहफे के रूप में भेंट करने जा रहा है। मंदिर को दिवाली से पहले ही हिंदुओं को समर्पित कर दिया जाएगा। इस मंदिर को 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान कट्टरपंथियों ने बम से उड़ा दिया था।

 

वास्तुशिल्प देखकर लगता है कि यह मंदिर लगभग 1000 साल पहले चोल राजाओं ने बनवाया होगा। समय की मार के कारण यह मंदिर आहिस्ता-आहिस्ता खस्ता हाल होने लगा। 1947 में हुए देश के बंटवारे के बाद तो यह पूरी तरह से उपेक्षित हो गया और इसे बंद कर दिया गया। हालांकि पाकिस्तान में बसने वाले हिंदुओं की मांग पर पाकिस्तान सरकार और एक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (औकाफ बोर्ड) ने सियालकोट स्थित शिवाला तेजा सिंह मंदिर को इसी साल जुलाई महीने में हिंदुओं के लिए खोल दिया था।

 

बोर्ड के एडिशनल सेक्रेटरी फराज अब्बास (हिंदू स्थल विंग) ने दैनिक भास्कर को बताया कि यह प्रोजेक्ट चार महीने का था, लेकिन इसे दो महीने में ही पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर को पुराने पैटर्न पर रेनोवेट किया गया है। जो पिलर टूट गए थे, उनको फिर से तैयार किया गया है। छतें भी नई डाली गई हैं और फर्श को भी बेहतर बनाया गया है। दरवाजों पर गेट लगा कर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर की भव्यता इसकी फ्रेस्को पेंटिंग्स थीं, जिनको भी फिर से उकेरा गया है। इस जीर्णोद्धार प्रक्रिया पर 50 लाख रुपए खर्च आए हैं।

 

अब्बास ने बताया कि रेनोवेशन के बाद इसे हिंदू भाइयों के लिए दिवाली खोला जाना था, लेकिन त्योहार होने के कारण पहले ही 25 अक्टूबर को समर्पित किया जाएगा. बोर्ड के चेयरमैन डॉ. आमिर अहमद खुद पहुंचें। उन्होंने बताया कि यहां पर शिव लिंग, तस्वीरें, घंटी, नंदी बैल आदि को स्थापित कर दिया गया है। हिंदू भाइयों की मदद से शिव दरबार, राम दरबार, वैष्णव देवी दरबार आदि की मूर्तियां स्थापित करने के बाद तोहफा हिंदू भाइयों को भेंट किया जाएगा।

 

 

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