अमृतसर / वेदांती का दावा-ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद सिख रेफरेंस लाइब्रेरी में नहीं लगी थी आग



सिख रेफरेंस लाइब्रेरी (फाइल फोटो) सिख रेफरेंस लाइब्रेरी (फाइल फोटो)
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सिख रेफरेंस लाइब्रेरी (फाइल फोटो)सिख रेफरेंस लाइब्रेरी (फाइल फोटो)

  • ब्लू स्टार के बाद लाइब्रेरी में जाने वाले पहले व्यक्ति थे वेदांती

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 06:22 AM IST

अमृतसर. सिख रेफरेंस लाइब्रेरी का बेशकीमती सामान गायब हाेने के विवाद के बीच अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान लाइब्रेरी में अाग नहीं लगी थी। लाइब्रेरी में आग लगने के काेई निशान नहीं थे। वेदांती का दावा इसलिए अहम है क्योंकि ब्लू स्टार के बाद लाइब्रेरी में जाने वाले पहले व्यक्ति वेदांती ही थे।

 

वेदांती 19 जून 1984 काे सिख रेफरेंस लाइब्रेरी में गए थे। वेदांती ने कहा कि फाैज द्वारा लौटाए गुरु ग्रंथ साहिब के 205 स्वरूपों में से उन्हें एक भी नहीं मिला। जब उनसे पूछा गया कि यह स्वरूप कहां गए? ताे वेदांती बोले, इसका जवाब वही दे सकते हैं जिन्होंने दस्तखत कर फाैज से सामान वापस लिया था। इसकी सीधी जवाबदेही एसजीपीसी की भी बनती है। वेदांती ने कहा कि ब्लू स्टार से पहले सिख रेफरेंस लाइब्रेरी में गुरु ग्रंथ साहिब के करीब 500 हस्तलिखित स्वरूप मौजूद थे। फौज द्वारा लौटाए गए किसी भी स्वरूप पर गुरु गोबिंद सिंह जी के दस्तखत नहीं थे।

 

वेदांती ने कहा कि फाैज द्वारा लौटाए गए गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपाें के गायब हाेने के मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। अपनी रिसर्च के लिए लाइब्रेरी में काफी समय बिताने वाले वेदांती ने कहा कि वह एक-एक स्वरूप काे देखकर बता सकते हैं कि यह पहले का है या नहीं?

 

लाइब्रेरी से गायब दस्तावेजों काे लेकर एसजीपीसी की मीटिंग आज :
दरबार साहिब कांप्लेक्स स्थित महाकवि संतोख सिंह सिख रेफरेंस लाइब्रेरी से दस्तावेज गुम हाेने के मामले को लेकर एसजीपीसी ने वीरवार काे मीटिंग बुलाई है। सचिव डाॅ. रूप सिंह की अाेर से बुलाई गई मीटिंग में एसजीपीसी के सभी मौजूदा औैर उन पूर्व अधिकारियों काे बुलाया गया है जिनका किसी न किसी समय सिख रेफरेंस लाइब्रेरी से संबंध रहा है। मीटिंग में पूर्व सचिव कुलवंत सिंह रंधावा को भी बुलाया गया है जिन्होंने फौज द्वारा लौटाए गए सामान की रिसीविंग पर साइन किए थे।
 

दिलगीर बोले - मेरे कार्यकाल में कुछ नहीं मिला : 

सिख रेफरेंस लाइब्रेरी के डायरेक्टर रहे हरजिंदर िंसंह दिलगीर ने कहा कि उनके कार्यकाल के दाैरान सरकार की तरफ से काेई सामान नहीं भेजा गया। इंग्लैंड में रह रहे दिलगीर ने लिखित में बताया कि वह जून 1998 से 31 मार्च 1999 तक डायरेक्टर के पद पर रहे। उनके मुताबिक फाैज की अाेर से 1985-86 में कुछ सामान दिया था। उसके बाद उनके पद पर रहने तक काेई भी सामान नहीं अाया। दिलगीर ने लाइब्रेरी में काम कर चुके अनुराग सिंह पर आरोप लगाया कि हाे सकता है उन्होंने काेई सामान बेच दिया हाे।

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