बरगाड़ी बेअदबी / संगत के गुस्से के आगे नहीं टिक पाए सुखबीर बादल व मजीठिया, बिना बोले लौटना पड़ा स्टेज से

Sukhbir badal and other SAD leaders returned after the public anger
Sukhbir badal and other SAD leaders returned after the public anger
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Sukhbir badal and other SAD leaders returned after the public anger
Sukhbir badal and other SAD leaders returned after the public anger

Oct 16, 2018, 11:33 AM IST

गुरदासपुर। बरगाड़ी बेअदबी मामले से आहत संगत इतने गुस्से में आ गई कि शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल और विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया को गांव निक्के घुम्मणां में एक धार्मिक समागम में बिना बोले लौटना पड़ा। अकाली नेताओं ने सुखबीर को भाषण देने को बुलाया तो उनके स्टेज पर चढ़ते ही संगत ने सुखबीर बादल मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। उन्होंने मजीठिया का भी कड़ा विरोध किया। पूर्व विधायक गुरबचन सिंह बब्बेहाली को भी गुस्से का शिकार होना पड़ा।

 

संत बाबा हजारा सिंह निक्के घुम्मणां वाले की याद को समर्पित तीन दिवसीय बरसी गुरुद्वारा अंगीठा साहिब में मुख्य सेवादार बाबा बुद्ध सिंह की देखरेख में मनाई जा रही थी। हंगामे के दौरान बाबा बुद्ध सिंह ने कहा कि कांग्रेस सिख विरोधी पार्टी है और शिरोमणि अकाली दल सिख हितैषी, लेकिन कुछ गर्मख्याली लोग कांग्रेस की शह पर उसको बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं। बरसी के मौके बादल सरकार 15 अक्टूबर को जिले में सरकारी छुट्टी करती थी, लेकिन एक मंत्री के इशारे पर इसको रद्द कर दिया गया। उनके भाषण के दौरान ही संगत उठने लगी और धीरे-धीरे पंडाल खाली हो गया।

 

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सुखबीर, मजीठिया और बब्बेहाली आदि नेताओं ने स्टेज पर संबोधित करने से गुरेज किया। इसके बाद बाबा बुद्ध सिंह ने उनको सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया। सुरक्षा मुलाजिमों ने करीब ढाई घंटे बाद अकाली नेताओं को पंडाल से सुरक्षित निकाला। संगत शांत ढंग से प्रभु सिमरन में लीन थी, लेकिन अकाली नेताओं के पंडाल में आते ही हंगामा खड़ा हो गया।

 

स्थिति को भांपते हुए अकाली नेता स्टेज की बजाय पंडाल में ही संगत की तरह बैठ गए। विधायक विरसा सिंह वल्टोहा, विधायक लखबीर सिंह लोधीनंगल, पूर्व चेयरमैन सुखबीर सिंह वाहला, यूथ नेता रविकरन सिंह काहलों और रमनजीत सिंह संधू भी उनके साथ थे।

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